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विदेशी निवेशकों में भगदड़! मार्च में ₹60,000 करोड़ की बिकवाली, 14 महीने में सबसे ज्यादा

भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली तेज हो गई है। मार्च के पहले 9 कारोबारी दिनों में ही FPIs ने ₹60,000 करोड़ से ज्यादा की निकासी कर दी है। यह 14 महीनों का सबसे बड़ा आउटफ्लो है, जिससे बाजार में अस्थिरता और बढ़ गई है।

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लगातार जारी है विदेशी निवेशकों की बिकवाली

NSDL के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने सिर्फ 9 ट्रेडिंग सेशंस में ही ₹60,269 करोड़ की बिकवाली कर दी। यह पिछले 14 महीनों में किसी भी महीने का सबसे बड़ा आउटफ्लो बन गया है। दिलचस्प बात यह है कि फरवरी में विदेशी निवेशकों ने ₹37,804 करोड़ का मजबूत निवेश किया था, जिससे बाजार में यह उम्मीद जगी थी कि विदेशी पूंजी का प्रवाह फिर से स्थिर हो सकता है। लेकिन मार्च में अचानक रुख बदल गया और भारी बिकवाली देखने को मिली।

2026 में अब तक कितनी निकासी?

साल 2026 की शुरुआत से ही विदेशी निवेशकों का रुख अस्थिर बना हुआ है। जनवरी में FPIs ने ₹29,240 करोड़ निकाले थे। फरवरी में मजबूत वापसी के साथ ₹37,804 करोड़ का निवेश आया। लेकिन मार्च में अब तक ₹60,269 करोड़ की निकासी हो चुकी है। इस तरह 2026 में अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से ₹51,700 करोड़ से ज्यादा निकाल चुके हैं।

उतार-चढ़ाव भरा रहा FPI फ्लो

पिछले डेढ़ साल में विदेशी निवेशकों का रुख बेहद अस्थिर रहा है। 2025 की शुरुआत भारी बिकवाली से हुई थी। जनवरी 2025 में ₹77,211 करोड़ और फरवरी 2025 में ₹24,301 करोड़ का आउटफ्लो दर्ज हुआ। इसके बाद मार्च 2025 में ₹32,981 करोड़ का निवेश आया। मई और अक्टूबर 2025 में भी मजबूत निवेश देखने को मिला, जबकि दिसंबर 2025 में फिर से ₹38,568 करोड़ की भारी निकासी दर्ज की गई।

क्यों हो रही है इतनी बड़ी बिकवाली?

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से भारत जैसे आयातक देश के लिए महंगाई का जोखिम बढ़ जाता है। इससे विदेशी निवेशक सतर्क हो जाते हैं। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स की मजबूती भी भारत के लिए आयात को महंगा बना रही है। विदेशी निवेशक क्रूड सप्लाई की बाधा से भारतीय कंपनियों की कमाई और इकोनॉमी पर आने वाले असर के जोखिम से बचने के लिए निकासी कर रहे हैं।

भारतीय बाजार का ऊंचा वैल्यूएशन

हालिया गिरावट के बाद भी भारतीय बाजार कई अन्य उभरते बाजारों के मुकाबले महंगे नजर आ रहे हैं, जिससे विदेशी निवेशक मुनाफावसूली कर रहे हैं। इसके अलावा 2023 और 2024 में भारतीय शेयर बाजार ने कई वैश्विक बाजारों से बेहतर प्रदर्शन किया है। ऐसे में विदेशी निवेशक अब मुनाफा वसूल कर रहे हैं।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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