बिजनेस

Forex Reserve: विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ा उछाल, 10.51 अरब डॉलर बढ़कर इतना हुआ

भारतीय इकोनॉमी के लिए अच्छी खबर है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में इजाफा हुआ है।

Image

भारत का फॉरेक्स रिजर्व

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 31 जुलाई को समाप्त सप्ताह में 10.51 अरब डॉलर बढ़कर 692.87 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इससे एक सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा भंडार 6.12 अरब डॉलर की बढ़त के साथ 682.35 अरब डॉलर रहा था। इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद पश्चिम एशिया में संघर्ष शुरू होने और रुपये पर दबाव बढ़ने के कारण कई सप्ताह तक इसमें गिरावट आई, क्योंकि केंद्रीय बैंक को डॉलर की बिक्री कर बाजार में हस्तक्षेप करना पड़ा।

स्वर्ण भंडार में भी इजाफा

समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ी हिस्सेदारी रखने वालीं विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 8.75 अरब डॉलर बढ़कर 564.68 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में इन परिसंपत्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 1.68 अरब डॉलर बढ़कर 104.74 अरब डॉलर हो गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 4.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.67 अरब डॉलर पर पहुंच गए।

आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में देश का आरक्षित भंडार भी 2.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.78 अरब डॉलर हो गया। पिछले महीने सरकार और आरबीआई ने देश में विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए एफसीएनआर (बी) समेत कई उपायों की घोषणा की थी। इन प्रयासों से अब तक करीब 32 अरब डॉलर प्राप्त हो चुके हैं।

विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने के क्या फायदे?

विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) का बढ़ना किसी भी देश की आर्थिक मजबूती की सबसे बड़ी गारंटी होता है। पर्याप्त भंडार होने से भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के दौरान रुपये को अचानक टूटने से बचा पाता है, जिससे देश में महंगाई नियंत्रित रहती है। इसके अलावा, कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और अन्य आवश्यक आयात के वैश्विक बिलों का भुगतान बिना किसी संकट के सुचारू रूप से होता रहता है। मजबूत फॉरेक्स रिजर्व से देश की क्रेडिट रेटिंग में सुधार होता है, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ता है और सरकार व भारतीय कंपनियों को वैश्विक बाजारों से बहुत ही सस्ती दरों पर कर्ज मिल जाता है।

Alok Kumar
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

और पढ़ें
End of Article