Flipkart & Swiggy Layoff: स्विगी और फ्लिपकार्ट दोनों कंपनियां एक साथ कर्मचारियों की छंटनी करन जा रही हैं। ये स्टार्टअप सेक्टर की बढ़ती मुश्किलों का संकेत है, जो काफी समय से फंडिंग की कमी से जूझ रहा है। स्विगी लगभग 350-400 कर्मचारियों या अपनी लगभग 7% वर्कफोर्स को नौकरी से निकाल रही है। कंपनी की कोशिश कॉस्ट को कंट्रोल रखने और प्रॉफिट कमाने की कोशिश में आगे बढ़ने की है। वहीं फ्लिपकार्ट अपनी एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू प्रॉसेस के तहत लगभग 1,000 कर्मचारियों या 5 फीसदी वर्कफोर्स को निकाल रही है।
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स्विगी की किस टीम पर पड़ेगा असर
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्विगी जिन लोगों की अब छंटनी करने जा रही है, उसका असर टेक्नोलॉजी टीमों और कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट पर सबसे अधिक होगा। यह हाल के समय में स्विगी में छंटनी का दूसरा दौर है जो शेयर बाजार में लिस्टेड होने की तैयारी भी कर रही है। पिछले साल जनवरी में स्विगी ने 380 नौकरियों में कटौती की थी।
नई हायरिंग पर लगाई रोक
फ्लिपकार्ट ने पहले नई भर्तियों पर रोक लगा दी थी और पिछले महीने डोमेस्टिक ईकॉमर्स मार्केटप्लेस को अपनी पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट से 600 मिलियन डॉलर (करीब 5000 करोड़ रु) का फंड मिला था। नई फंडिंग में कंपनी की वैल्यूएशन इसके मौजूदा वैल्यूएशन से 5-10% प्रीमियम पर किया गया है।
कितनी रही वैल्यूएशन
पिछली बार ईकॉमर्स कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 35 बिलियन डॉलर (करीब 3 लाख करोड़) था। फ्लिपकार्ट वॉलमार्ट से मिले करीब 5000 करोड़ रु के फंड का इस्तेमाल अपने ऑपरेशन के विस्तार के लिए करेगी। पिछले साल जुलाई में फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल, एक्सेल और टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट ई-कॉमर्स फर्म से बाहर निकल गए थे और अपने शेयर वॉलमार्ट को बेच दिए थे।
