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Lay Off In Flipkart & Swiggy: फ्लिपकार्ट और स्विगी फिर करेंगी छंटनी, 1400 कर्मचारियों को निकालने की तैयारी

Flipkart & Swiggy Layoff: स्विगी जिन लोगों की अब छंटनी करने जा रही है, उसका असर टेक्नोलॉजी टीमों और कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट पर सबसे अधिक होगा। फ्लिपकार्ट अपनी एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू प्रॉसेस के तहत लगभग 1,000 कर्मचारियों या 5 फीसदी वर्कफोर्स को निकाल रही है।

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फ्लिपकार्ट और स्विगी में छंटनी होगी

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • फ्लिपकार्ट ने की छंटनी की तैयारी
  • स्विगी भी करीब 400 कर्मचारियों को निकालेगी
  • स्टार्टअप सेक्टर की बढ़ती मुश्किलों का संकेत

Flipkart & Swiggy Layoff: स्विगी और फ्लिपकार्ट दोनों कंपनियां एक साथ कर्मचारियों की छंटनी करन जा रही हैं। ये स्टार्टअप सेक्टर की बढ़ती मुश्किलों का संकेत है, जो काफी समय से फंडिंग की कमी से जूझ रहा है। स्विगी लगभग 350-400 कर्मचारियों या अपनी लगभग 7% वर्कफोर्स को नौकरी से निकाल रही है। कंपनी की कोशिश कॉस्ट को कंट्रोल रखने और प्रॉफिट कमाने की कोशिश में आगे बढ़ने की है। वहीं फ्लिपकार्ट अपनी एनुअल परफॉर्मेंस रिव्यू प्रॉसेस के तहत लगभग 1,000 कर्मचारियों या 5 फीसदी वर्कफोर्स को निकाल रही है।

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स्विगी की किस टीम पर पड़ेगा असर

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार स्विगी जिन लोगों की अब छंटनी करने जा रही है, उसका असर टेक्नोलॉजी टीमों और कस्टमर सर्विस डिपार्टमेंट पर सबसे अधिक होगा। यह हाल के समय में स्विगी में छंटनी का दूसरा दौर है जो शेयर बाजार में लिस्टेड होने की तैयारी भी कर रही है। पिछले साल जनवरी में स्विगी ने 380 नौकरियों में कटौती की थी।

नई हायरिंग पर लगाई रोक

फ्लिपकार्ट ने पहले नई भर्तियों पर रोक लगा दी थी और पिछले महीने डोमेस्टिक ईकॉमर्स मार्केटप्लेस को अपनी पैरेंट कंपनी वॉलमार्ट से 600 मिलियन डॉलर (करीब 5000 करोड़ रु) का फंड मिला था। नई फंडिंग में कंपनी की वैल्यूएशन इसके मौजूदा वैल्यूएशन से 5-10% प्रीमियम पर किया गया है।

कितनी रही वैल्यूएशन

पिछली बार ईकॉमर्स कंपनी की वैल्यूएशन लगभग 35 बिलियन डॉलर (करीब 3 लाख करोड़) था। फ्लिपकार्ट वॉलमार्ट से मिले करीब 5000 करोड़ रु के फंड का इस्तेमाल अपने ऑपरेशन के विस्तार के लिए करेगी। पिछले साल जुलाई में फ्लिपकार्ट के को-फाउंडर बिन्नी बंसल, एक्सेल और टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट ई-कॉमर्स फर्म से बाहर निकल गए थे और अपने शेयर वॉलमार्ट को बेच दिए थे।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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