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कभी PF पर मिलता था 12% ब्याज, क्या फिर घटेगी दरें, 40 साल के निचले स्तर पर है रेट

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Mar 27, 2023, 05:15 PM IST

PF Interest Rate: EPF पर ब्याज दरों का ट्रेंड देखा जाय तो यह साल 2018-19 से लगातार घट रही है। उस वक्त ब्याज दरें 8.65 फीसदी के स्तर पर थीं। जो 2021-22 तक आकर 8.1 फीसदी पर आ गई है। और इस बात की संभावना है कि इस बार ब्याज दरें 8.1 फीसदी के आसपास ही रह सकती है।

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EPF ब्याज दरों पर फैसला जल्द

EPF Interest Rate: कर्मचारी भविष्य निधि के लिए करोड़ों खाताधारकों के लिए अगले दो दिन बेहद अहम है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) शीर्ष निकाय केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT)2022-23 के लिए ब्याज दरों की घोषणा कर सकता है। इसके तहत ऐसी संभावना है कि एक बार फिर ब्याज दरें 8 फीसदी के आसपास रह सकती है। साल 2021-22 के लिए सरकार ने EPF पर 8.1 फीसदी ब्याज दर का ऐलान किया था। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार इस बाद ब्याज दरों में मामूली कटौती हो सकती है। और वह 8 फीसदी के स्तर पर रह सकती है। अगर ऐसा होता है तो EPFपर ब्याज दरें 1977-78 के स्तर पर आ जाएंगी।

2018-19 से लगातार घट रही हैं ब्याज दरें

EPF पर ब्याज दरों का ट्रेंड देखा जाय तो यह साल 2018-19 से लगातार घट रही है। उस वक्त ब्याज दरें 8.65 फीसदी के स्तर पर थीं। जो 2021-22 तक आकर 8.1 फीसदी पर आ गई है। और इस बात की संभावना है कि इस बार ब्याज दरें 8.1 फीसदी के आसपास ही रह सकती है। ईटी की एक रिपोर्ट के अनुसार इस बार की बैठक में ब्याज दरें 8 फीसदी के करीब करने का फैसला हो सकता है। सोमवार (27 मार्च) को शुरू हुई मीटिंग मंगलवार तक चलने की उम्मीद है। और उसी दिन ब्याज दरों पर फैसला आ सकता है।

पीटीआई के अनुसार इस बैठक में पेंशन की खातिर आवेदन देने के लिए उच्चतम न्यायालय ने चार महीने का वक्त देने संबंधी जो आदेश दिया था उस पर ईपीएफओ ने क्या कार्रवाई की है, इस बारे में भी चर्चा हो सकती है। ईपीएफओ ने अपने अंशधारकों को तीन मई, 2023 तक का वक्त दिया है।

एक समय 12 फीसदी मिलता था ब्याज

ईपीएफ के इतिहास को देखा जाय तो अभी तक सबसे ज्यादा ब्याज 1989-90 से लेकर 1999-2000 तक मिला है। साल 1989-90 में 12 फीसदी ब्याज की घोषणा की गई थी। जो कि साल 1999-2000 तक जारी रही। और उसके बाद इसमें गिरावट का दौर शुरु हुआ। और फिर वह 9.50 फीसदी पहुंच गया और उसके बाद 2021-22 में घटते हुए 8.1 फीसदी पर आ गया। 31 मार्च, 2022 तक कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का कुल निवेश 11 लाख करोड़ रुपये था।

क्या है कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)

यह स्कीम प्राइवेट नौकरी करने वाले कर्मचारियों के लिए है। जिस कंपनी में 20 से ज्‍यादा कर्मचारी काम करते हैं, उन पर यह नियम लागू होता है। इसके तहत कर्मचारी की बेसिक सैलरी और डीए का 12 फीसदी हिस्‍सा पीएफ फंड में जमा किया जाता है और इ‍तना ही हिस्‍सा नियोक्‍ता की ओर से भी जमा किया जाता है। हालांकि नियोक्ता के हिस्से में से 8.33 फीसदी राशि कर्मचारी पेंशन योजना में जमा की जाती है। जबकि शेष 3.67 फीसदी राशि EPF में निवेश की जाती है। रिटायरमेंट के बाद पीएफ का पैसा कर्मचारियों को एकमुश्‍त और ईपीएस का पैसा पेंशन के तौर पर मिलता है

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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