Heatwave impact power consumption: देश में पारा चढ़ने के साथ बृहस्पतिवार को बिजली की अधिकतम मांग लगातार चौथे दिन रिकॉर्ड स्तर 270.82 गीगावाट तक पहुंच गई। विद्युत मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को बिजली की अधिकतम मांग 265.44 गीगावाट के रिकॉर्ड स्तर पर रही थी। इससे पहले विद्युत मंत्रालय ने इस गर्मी में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान जताया था।
मंत्रालय ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ पर लिखा, ’’आज (बृहस्पतिवार) लगातार चौथे दिन बिजली की अधिकतम मांग अबतक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गयी। दोपहर 3.45 बजे बिजली की अधिकतम मांग 270.82 गीगावाट (एक गीगावाट बराबर 1,000 मेगावाट) रही। इस मांग को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।’’ मंत्रालय ने यह भी कहा कि देशभर में मौजूदा मौसम की स्थिति को देखते हुए घर और दफ्तर को ठंडा रखने के लिए कूलर, एसी के बढ़ते उपयोग से मांग में वृद्धि हुई है।
बृहस्पतिवार की अधिकतम मांग को पूरा करने में तापीय ऊर्जा का योगदान सबसे अधिक 62.8 प्रतिशत रहा। इसके अलावा सौर ऊर्जा का योगदान 22.0 प्रतिशत, पवन ऊर्जा का 5.0 प्रतिशत, जल विद्युत का 5.8 प्रतिशत रहा। शेष हिस्सेदारी अन्य स्रोतों की रही। मंत्रालय ने कहा कि तापीय ऊर्जा संयंत्रों में कोयले की उपलब्धता पर्याप्त है और आपूर्ति पर नजर रखी जा रही है।
IMD ने लू जारी रहने का जताया अनुमान
इससे पहले सोमवार से बिजली की अधिकतम मांग रिकॉर्ड ऊंचाई 257.37 गीगावाट तक पहुंच गई थी। वहीं मंगलवार को 260.45 गीगावाट और बुधवार को 265.44 गीगावाट रही थी। इस बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में इस सप्ताह भी लू जारी रहने का अनुमान जताया है। कई जगहों पर पारा 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
आईएमडी ने इस साल अधिक गर्मी पड़ने का अनुमान जताया है। विशेषज्ञों का कहना है कि पारा चढ़ने के साथ घरेलू और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं द्वारा एयर कंडीशनर, एयर कूलर और अन्य उपकरणों के अधिक उपयोग से बिजली की मांग बढ़ रही है। बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग और खपत में और वृद्धि हो सकती है।
पिछली गर्मियों में, जून, 2025 में बिजली की अधिकतम मांग 242.77 गीगावाट दर्ज की गई थी, जो सरकार के 277 गीगावाट के अनुमान से कम रही। मई, 2024 में, बिजली की अधिकतम मांग 250 गीगावाट तक पहुंच गई थी जो उस समय एक रिकॉर्ड था और सितंबर, 2023 में बने पिछले अबतक के उच्चतम स्तर 243.27 गीगावाट को पार कर गयी थी।
(इनपुट-भाषा)
