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Edible Oil Price: जल्द घट सकते हैं खाद्य तेल के दाम, कस्टम ड्यूटी में कटौती से होगा फायदा

Edible Oil Price in India: घरेलू खुदरा बाजार में आने वाले हफ्तों में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट हो सकती है। इसकी वजह रिफाइनर्स की ओर से लागत में कमी को ग्राहकों को हस्तांतरित करना है। 2025 की पहली छमाही में वैश्विक स्तर पर मूल्य वृद्धि और मुद्रा के मूल्य में कमी के कारण खाद्य तेलों की कीमतों में कमी देखी गई थी। केयरएज द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया कि खाद्य तेलों की कीमतों में कमी आने की संभावना की वजह सरकार द्वारा 30 मई को कस्टम ड्यूटी में कटौती करना है।

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घट सकते हैं खाद्य तेल के दाम

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • घट सकते हैं खाद्य तेल के दाम
  • आने वाले हफ्तों में आएगी कमी
  • कस्टम ड्यूटी में कटौती का दिख सकता है असर

Edible Oil Price in India: घरेलू खुदरा बाजार में आने वाले हफ्तों में खाद्य तेलों की कीमतों में गिरावट हो सकती है। इसकी वजह रिफाइनर्स की ओर से लागत में कमी को ग्राहकों को हस्तांतरित करना है। 2025 की पहली छमाही में वैश्विक स्तर पर मूल्य वृद्धि और मुद्रा के मूल्य में कमी के कारण खाद्य तेलों की कीमतों में कमी देखी गई थी। केयरएज द्वारा मंगलवार को जारी रिपोर्ट में बताया गया कि खाद्य तेलों की कीमतों में कमी आने की संभावना की वजह सरकार द्वारा 30 मई को कस्टम ड्यूटी में कटौती करना है। उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने खाद्य तेल कंपनियों को अपने अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) में कमी करने और वितरक को मूल्य (पीटीडी) दरों पर साप्ताहिक अपडेट करने के निर्देश भी जारी किए हैं।

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इन वजहों से भी आएगी गिरावट

रिपोर्ट में बताया गया कि मई में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर 2.8 प्रतिशत पर आ गई और भारतीय मौसम विभाग ने सामान्य से अधिक मजबूत मानसून का अनुमान लगाया है, इन घटनाक्रमों से सामूहिक रूप से खाद्य तेल की खुदरा कीमतों में गिरावट के ट्रेंड को रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

रिपोर्ट में बताया गया कि कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों के बीच शुल्क अंतर में वृद्धि से घरेलू रिफाइनरों की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ेगी। कच्चे पाम तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी को अब घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है और रिफाइंड खाद्य तेलों पर कस्टम ड्यूटी 32.5 प्रतिशत पर अपरिवर्तित है, जिससे कच्चे और रिफाइंड खाद्य तेलों के बीच कस्टम ड्यूटी अंतर 8.25 प्रतिशत से बढ़कर 19.25 प्रतिशत हो गया है।

भारत खाद्य तेलों में दुनिया का सबसे बड़ा आयातक

संशोधित कस्टम ड्यूटी स्ट्रक्चर से प्रमुख खिलाड़ियों को लाभ मिलने की उम्मीद है क्योंकि इससे रिफाइनर रिफाइंड तेलों के बजाय कच्चे खाद्य तेल के आयात को प्राथमिकता देंगे। इससे क्षमता उपयोग में सुधार होगा और घरेलू प्रोसेसिंग में वृद्धि के माध्यम से रिफाइनिंग मार्जिन में वृद्धि होगी।

भारत खाद्य तेलों में दुनिया का सबसे बड़ा आयातक है। देश अपनी जरूरतों का 55-60 प्रतिशत इंडोनेशिया और मलेशिया से आयात करता है। ऑयल ईयर 2023-24 में भारत ने 15.96 मिलियन टन (एमटी) खाद्य तेलों का आयात किया है। इसमें पाम ऑयल की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत थी, जबकि बाकी की हिस्सेदारी सोयाबीन और सूरजमुखी के तेल की थी। (इनपुट - आईएएनएस)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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