Airline Industry: एयरलाइन उद्योग की हालत में सुधार हो रहा है। और यात्रियों की बढ़ती रिकॉर्ड संख्या से उनके घाटे में बड़ी गिरावट आने के आसार हैं। रिपोर्ट के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में यह घाटा 12000-14000 रुपये तक कम हो सकता है। यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी, बेहतर प्रतिफल और स्थिर लागत परिदृश्य ने भारतीय एयरलाइंस के लिए हालात को काफी हद तक अनुकूल बनाया है। जिस तरह यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, घरेलू हवाई यात्री यातायात 15-15.5 करोड़ तक पहुंच जाएगा इसके दम पर विमानन कंपनियों को अपना शुद्ध घाटा काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। अगर ऐसा होता है तो एयरलाइन उद्योग के लिए ये बड़ी राहत की बात होगी।
क्या कहती है रिपोर्ट
क्रेडिट रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार भारतीय एयरलाइन उद्योग का चालू वित्त वर्ष में शुद्ध घाटा पिछले साल के 17,000-17,500 करोड़ रुपये से घटकर 3,000-5,000 करोड़ रुपये रहने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कि यात्रियों की संख्या में वृद्धि, बेहतर प्रतिफल और स्थिर लागत परिदृश्य ने भारतीय एयरलाइंस के लिए हालात को काफी हद तक अनुकूल बनाया है। इसके दम पर विमानन कंपनियों को अपना शुद्ध घाटा काफी हद तक कम करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही इक्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2023-24 और अगले वित्त वर्ष में घरेलू हवाई यात्री यातायात आठ से 13 प्रतिशत की दर से बढ़ने की संभावना है।
15 करोड़ पार कर जाएगी यात्रियों की संख्या
रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में आए तीव्र सुधार के बाद चालू वित्त वर्ष में घरेलू हवाई यात्री यातायात 15-15.5 करोड़ तक पहुंच जाएगा। इसके पहले वित्त वर्ष 2019-20 में यह संख्या 14.12 करोड़ रही थी। इक्रा के उपाध्यक्ष और कॉरपोरेटिंग रेटिंग प्रमुख सुप्रियो बनर्जी ने कहा कि विमानन उद्योग का शुद्ध घाटा वित्त वर्ष 2022-24 में घटकर 30-50 अरब रुपये हो जाएगा जो पिछले वित्त वर्ष में 17-17.5 अरब रुपये रहने का अनुमान है। अगले वित्त वर्ष में भी तेजी का सिलसिला बने रहने की उम्मीद है।
