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Dollar vs Rupee : डॉलर की दहाड़ से थर्राया रुपया, 96.96 के ऑल टाइम लो तक लुढ़का

अमेरिकी डॉलर के सामने रुपये में लगातार कमजोरी बढ़ रही है। बुधवार 20 मई को करेंसी ट्रेडिंग शुरू होते ही रुपये में 33 पैसे की गिरावट आई है। इसके साथ ही रुपया ऑल टाइम लो पर लुढ़क गया है।

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रुपये में बड़ी गिरावट

Dollar vs Rupee : इंटरबैंकर करेंसी एक्सचेंज पर डॉलर और रुपये के कारोबार में बुधवार 20 मई को डॉलर के मुकाबले रुपये की ओपनिंग बेहद कमजोर रही। कारोबार शुरू होते ही डॉलर के मुकाबले रुपया 33 पैसे कमजोरी के साथ खुला। इस साल अब तक रुपये में बड़ी गिरावट आ चुकी है। वहीं, इस दौरान डॉलर इंडेक्स में मजबूती देखने को मिली है। डॉलर इंडेक्स 99.30 पर है। वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया इंट्रा डे कारोबार में 56 पैसे तक की कमजोरी के बाद 96.93 प्रति डॉलर तक लुढ़क गया है।

डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 20 मई 2026 की शुरुआती ट्रेडिंग में दबाव में नजर आया। USD/INR 0.60% की तेजी के साथ 96.96 पर पहुंच गया। ग्लोबल स्तर पर Dollar की मजबूती कायम है। बुधवार सुबह Dollar Index 99.31 के आसपास बना हुआ है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों, विदेशी मुद्रा मांग और वैश्विक अनिश्चितता डॉलर को मजबूती दे रहे हैं। वहीं, यही फैक्टर भारतीय रुपये के लिए कमजोरी की वजह हैं। क्योंकि, भारत को अब क्रूड के आयात के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं।

इस साल बड़ी गिरावट

डॉलर के मुकाबले इस साल रुपये में अब तक 7 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। एशिया में रुपया सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बनी हुई है। रुपये में गिरावट की सबसे बड़ी वजह क्रूड के आयात का बोझ है। क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से भारत का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। अमेरिका-ईरान के बीच फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद से डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 5.7 फीसदी कमजोर हो चुका है।

इससे पहले मंगलवार को भी डॉलर के मुकाबले रुपया ऑल टाइम लो पर 96.360 पर बंद हुआ था। रुपये के साथ ही डॉलर के मुकाबले ग्लोबल करेंसी भी कमजोर हो रही हैं। डॉलर के साथ ही पाउंड, यूरो, येन और चीनी युआन के मुकाबले भी रुपये में गिरावट दर्ज की गई। वहीं ग्लोबल मार्केट में Dollar Index में मजबूती के चलते डॉलर इन सभी गभग स्थिर 99.31 पर बना हुआ है, जबकि EUR/USD में कमजोरी दिखी। रुपये की इस गिरावट का असर तेल आयात, एविएशन और अन्य आयात आधारित सेक्टर्स की लागत पर पड़ सकता है, जबकि IT और एक्सपोर्ट कंपनियों को इससे कुछ राहत मिल सकती है।

करेंसी पेयरलेटेस्ट स्तरबदलावबदलाव %
USD/INR96.9350+0.5750+0.60%
GBP/INR129.8083+0.3840+0.30%
EUR/INR112.4167+0.2522+0.22%
JPY/INR0.6098+0.0021+0.35%
CNY/INR14.2260+0.0600+0.42%
Dollar Index99.31000.00000.00%
EUR/USD1.1604-0.0052-0.45%
USD/JPY158.8650+0.0450+0.03%

बॉन्ड यील्ड ने माचाया तहलका

ग्लोबल बॉन्ड मार्केट में तहलका मचा हुआ है। अमेरिका का 10Y यील्ड 4.67% तक पहुंच गया। हालांकि, जापान के 10Y बॉन्ड यील्ड में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई है। लेकिन 30 वर्षीय बॉन्ड यील्ड करीब 3 दशक के शीर्ष पर है। वहीं, यूरोप में UK, Germany और Italy के बॉन्ड यील्ड में तेजी दिखी, जो वैश्विक ब्याज दरों और महंगाई को लेकर बाजार की चिंता को दर्शाता है। वहीं ब्राजील, मेक्सिको और साउथ अफ्रीका जैसे उभरते बाजारों में यील्ड ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। वहीं, भारत का 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड हल्की गिरावट के साथ 7.12% पर रहा, जबकि 5 वर्षीय बॉन्ड यील्ड 6.93% तक बढ़ा।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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