Dhoot Transmission IPO GMP : ऑटो कंपोनेंट्स सेक्टर की कंपनी Dhoot Transmission का आईपीओ आज, 10 अगस्त से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। सब्सक्रिप्शन से पहले ही इश्यू के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ने निवेशकों का ध्यान खींचा है। कंपनी के शेयर का GMP ₹259 चल रहा है। अपर प्राइस बैंड ₹871 के मुकाबले यह करीब 29.74 फीसदी प्रीमियम है। अगर ग्रे मार्केट का यह ट्रेंड लिस्टिंग तक बना रहता है तो शेयर करीब ₹1,130 पर लिस्ट हो सकता है। हालांकि, GMP अनऑफिशियल संकेत है और इससे लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं होती।
₹14,807 लगाकर कितनी कमाई?
Dhoot Transmission IPO का प्राइस बैंड ₹829 से ₹871 प्रति शेयर तय किया गया है। एक लॉट में 17 शेयर हैं। अपर प्राइस बैंड के हिसाब से रिटेल निवेशक को एक लॉट के लिए ₹14,807 लगाने होंगे। अगर ₹259 का GMP लिस्टिंग तक कायम रहता है तो अनुमानित लिस्टिंग प्राइस ₹1,130 हो सकता है। इस हिसाब ये एक शेयर पर संभावित फायदा ₹259 का होगा। इस तरह एक लॉट यानी 17 शेयर पर फिलहाल ₹4,403 के प्रॉफिट का संकेत मिल रहा है। यानी ग्रे मार्केट संकेतों के हिसाब से ₹14,807 के निवेश पर करीब ₹4,403 का संभावित लिस्टिंग गेन दिख रहा है। लेकिन यह सिर्फ अनुमान है। वास्तविक लिस्टिंग प्राइस बाजार की मांग, आईपीओ सब्सक्रिप्शन और लिस्टिंग के दिन के माहौल पर निर्भर करेगा।
₹3,067 करोड़ का है IPO
Dhoot Transmission IPO के जरिए कंपनी कुल ₹3,066.89 करोड़ जुटा रही है। इसमें ₹1,400 करोड़ का फ्रेश इश्यू और ₹1,666.89 करोड़ का ऑफर फॉर सेल शामिल है। आईपीओ 10 अगस्त को खुला है और 12 अगस्त को बंद होगा। शेयरों का अलॉटमेंट 13 अगस्त को होने की उम्मीद है, जबकि एनएसई और बीएसई पर लिस्टिंग की संभावित तारीख 17 अगस्त है।
कंपनी का बिजनेस क्या है?
Dhoot Transmission ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स बनाती है। कंपनी का कारोबार वायरिंग हार्नेस, बैटरी पैक्स, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोलर, ऑटोमोटिव स्विच, टर्मिनल, कनेक्टर और पावर सप्लाई कॉर्ड जैसे उत्पादों में है। कंपनी की खासियत इसका इलेक्ट्रिक वाहन बाजार से जुड़ा कारोबार है। कंपनी भारत के दोपहिया और तिपहिया वायरिंग हार्नेस बाजार में शीर्ष खिलाड़ियों में शामिल है। इलेक्ट्रिक दोपहिया और तिपहिया सेगमेंट में इसकी हिस्सेदारी करीब 70 फीसदी बताई गई है। कंपनी के ऑटोमोटिव प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का करीब 95 फीसदी हिस्सा ईवी-केंद्रित या पावरट्रेन-न्यूट्रल बताया गया है। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग कंपनी के लिए बड़ा ग्रोथ ड्राइवर बन सकती है।
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