नोएडा : यमुना एक्सप्रेसवे पर आग लगने से नौ यात्रियों की मौत के मामले में पुलिस ने ट्रांसपोर्ट कंपनी के मैनेजर को गिरफ्तार किया है। इसी के साथ मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या चार हो गई है। पुलिस के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने वाहन में गियरबॉक्स समेत कुछ अन्य समस्याओं की जानकारी कंपनी के मैनेजर के जरिए दी थी, लेकिन इन शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। इसके कुछ दिन बाद ही बस में आग लग गई।
गिरफ्तार मैनेजर की पहचान विकास के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे शुक्रवार को दिल्ली के कश्मीरी गेट से पूछताछ के लिए बुलाया था। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अदालत में पेश करने के बाद विकास को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में पहले गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी भी न्यायिक हिरासत में हैं।
ड्राइवर और कंडक्टर ने बताई थी वाहन की खराबी
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, जांच में पता चला है कि बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने वाहन में आ रही दिक्कतों की जानकारी ट्रांसपोर्ट कंपनी को दी थी। इनमें गियरबॉक्स से जुड़ी समस्या भी शामिल थी। आरोप है कि इन शिकायतों पर उचित कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वाहन की तकनीकी खराबियों को समय रहते क्यों दूर नहीं किया गया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच परिवहन विभाग की मदद से भी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली से महोबा जा रही थी बस
हादसा बुधवार रात करीब 11:20 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर 33 किलोमीटर के माइलस्टोन के पास हुआ था। बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से उत्तर प्रदेश के महोबा जा रही थी। बस में कुल 35 यात्री सवार थे। आग लगने की घटना में नौ लोगों की मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने इससे पहले दो ड्राइवरों पवन और योगेश दीक्षित तथा कंडक्टर रोहित को गिरफ्तार किया था। तीनों कानपुर देहात के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, आग लगने के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर बस को छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर
पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। इनमें लापरवाही से वाहन चलाने, जीवन को खतरे में डालने और गैर इरादतन हत्या से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर BR32PA8647 था। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के अनुसार, इसे मध्य प्रदेश की राज कल्पना ट्रैवल एजेंसी संचालित कर रही थी और वाहन का रजिस्ट्रेशन बिहार के मधुबनी में हुआ था।
बस पर 1.75 लाख रुपये के 19 चालान
गौतमबुद्ध नगर के आरटीओ के सार्वजनिक परिवहन अधिकारी राजेश मोहन के अनुसार, बस के खिलाफ पहले से ही 19 चालान दर्ज थे। इन चालानों पर कुल 1.75 लाख रुपये का जुर्माना बकाया था। पुलिस अब हादसे के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें बस की तकनीकी स्थिति, पूर्व में बताई गई खराबियां, कंपनी की भूमिका और हादसे के बाद आरोपियों के कथित तौर पर मौके से फरार होने का मामला भी शामिल है।
