पुणे: ढोल-ताशों की गूंज, “मोरया मोरया” के जयघोष, पुष्पवर्षा और आकर्षक कोल्ड-फायर रोशनी के बीच पुणे के श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति को शनिवार तड़के भावुक विदाई दी गई। भारत के पहले सार्वजनिक गणपति के रूप में प्रसिद्ध श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति की भव्य विसर्जन शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए।
श्री विघ्नहर्ता रथ पर सवार बप्पा के दर्शन के लिए पूरे मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भव्य शोभायात्रा का समापन सुबह 4:01 बजे पंचाश्वर घाट स्थित पुणे महानगरपालिका के विसर्जन टैंक में गणपति प्रतिमा के विसर्जन के साथ हुआ।विसर्जन शोभायात्रा रात करीब 9 बजे शुरू हुई। इससे पहले गणपति बप्पा की प्रतिमा को श्री गणेश सुवर्णधाम मंदिर से मंडई स्थित लोकमान्य तिलक की प्रतिमा के पास ले जाया गया था। परंपरा के अनुसार, श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ट्रस्ट के उत्सव प्रमुख एवं विश्वस्त पुनीत बालन ने वहां पुणे के पांच मानाचे गणपतियों को पुष्पहार अर्पित किए।
इसके बाद पुनीत बालन के नेतृत्व में श्री विघ्नहर्ता रथ विसर्जन यात्रा के लिए रवाना हुआ। रात करीब 9:45 बजे रथ बेलबाग चौक पहुंचा। शोभायात्रा की अगुवाई श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी की प्रतिमा कर रही थी, जिसके ऊपर नगाड़ा लगाया गया था। शोभायात्रा में शिवयोद्धा मर्दानी अखाड़ा के कलाकारों ने पारंपरिक मर्दानी कला का प्रदर्शन किया। वहीं युवा वाद्यपथक, श्रीराम और रमणबाग ढोल-ताशा पथकों की जोरदार प्रस्तुतियों से वातावरण गूंज उठा। रास्ते में बप्पा पर पुष्पवर्षा की गई, जबकि रथ पर की गई कोल्ड-फायर रोशनी ने शोभायात्रा को खास आकर्षण दिया।
करीब 3:30 बजे विघ्नहर्ता रथ तिलक चौक पहुंचा। यहां बप्पा के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु जमा थे। “मोरया मोरया” के जयघोष से पूरा परिसर गूंज उठा। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त तेजस्विनी सातपुते ने गणपति की आरती की। इसके बाद बप्पा को विसर्जन के लिए पंचाश्वर घाट की ओर रवाना किया गया।
‘बप्पा को विदाई के बाद उदासी, लेकिन अगले साल की तैयारी तुरंत शुरू होगी’
श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी गणपति मंडल के विश्वस्त एवं उत्सव प्रमुख पुनीत बालन ने कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रीमंत भाऊसाहेब रंगारी ट्रस्ट के गणपति बप्पा की विसर्जन शोभायात्रा उसी उत्साह और भव्यता के साथ निकाली गई। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा निर्धारित समय पर शोभायात्रा में शामिल होने के लिए मंडल पूरी तरह तैयार था, लेकिन कुछ कारणों से देरी हुई। पुलिस की अनुमति मिलने के बाद मंडल लक्ष्मी रोड पर विसर्जन शोभायात्रा में शामिल हुआ और इसे कम से कम समय में पूरा करने का प्रयास किया गया।बालन ने कहा कि बप्पा को विदाई देने के बाद निश्चित रूप से मन में उदासी है। हालांकि, अगले वर्ष के गणेशोत्सव की तैयारियां नए विचारों के साथ तुरंत शुरू की जाएंगी। उन्होंने गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग के लिए पुलिस प्रशासन, पुणे महानगरपालिका, मंडल के पदाधिकारियों और सभी स्वयंसेवकों का आभार व्यक्त किया।
