ET Now Global Business Summit 2024: डीपफेक-एआई से खतरा बढ़ा है, लेकिन हमें अलर्ट और स्मार्ट रहने की जरूरत है। टेक्नोलॉजी के कारण ही हम अपने डिजिटल बैंक को एक्सेस कर पा रहे हैं। हम किसी भी देश में हों हमारा बैंक अकाउंट हमारे फोन में होता है। लेकिन इससे स्कैम और डिजिटल चोरी का खतरा भी बड़ा है। हमारे पास कई कॉल आते हैं जो फेक हैं और स्कैम होते हैं। यह बात ट्रू कॉलर के चीफ स्ट्रेटेजी ऑफिसर और को-फाउंडर नामी जरिंगलम ने ईटी नाउ ग्लोबल बिजनेस समिट का 8वां संस्करण में कही।
भारत की तारीफ से की शुरुआत
नामी जरिंगलम ने कहा कि मेरी मां भी इस ट्रिप पर भारत आई हैं। वह मेरे साथ कई और जगह भी जाती हैं। वह भारत पहली बार आईं हैं। वह यहां की टेक्नोलॉजी और एडवांसमेंट को देखकर हैरान हैं। वह यहां के लोगों, खाने, संस्कृति और इतिहास को देखकर मंत्रमुग्ध हैं। जो भारत ने उन्हें दिया है। वह यहां से फोन कॉल और बिल पेमेंट कर पा रही हैं। वह यहां वह सभी चीजें कर पा रही हैं जो वह घर पर करती हैं। यह सब टेक्नोलॉजी की वजह से ही सक्षम हुआ है। टेक्नोलॉजी बहुत मजेदार है।
यहां तक टेक्नोलॉजी को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वह यहां से अपने बैंक अकाउंट को एक्सेस कर सकती हैं। लेकिन समस्या यह है कि पैसे उनके पास उनके फोन में हैं। जबकि उनका बैंक अकाउंट स्वीडन में है, जबकि वह वहां है भी नहीं। लेकिन इससे स्कैम और डिजिटल चोरी का खतरा भी बड़ा है। हमारे पास कई कॉल आते हैं जो फेक हैं और स्कैम होते हैं।
प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए ही है TrueCaller
नामी जारिंघरम ने कहा कि ट्रूकॉलर से प्राइवेसी और सिक्योरिटी को लेकर लोगों का डर कम हुआ है। लोगों के इसके प्रति विश्वास बढ़ा है। लोगों को फ्रॉड से सुरक्षा मिली है। उन्होंने कहा कि आपके अनुमति के बाद आपके मोबाइल फोन के जरिए कोई फ्रॉड नहीं कर सकता है। ट्रूकॉलर आपको साइबर क्राइम से सुरक्षा देता है। ट्रूकॉलर को प्राइवेसी और सिक्योरिटी के लिए डिजाइन किया गया है।
टेक्नोलॉजी एक टूल
जब हम ऑनलाइन पेमेंट करते हैं तो चोरों के निशाने पर होते हैं। हालांकि, टेक्नोलॉजी एक टूल है, जो बनाने और बिगाड़ने दोनों का काम करता है। यही हमें समझना है कि कैसे हम टेक्नोलॉजी के मिसयूज को कम कर सकते हैं और अपराधियों के झांसे से बच सकते हैं।
डीपफेक और एआई से बढ़ा खतरा
ट्रू कॉलर के को-फाउंडर ने कहा कि अब बच्चों का सोशल मीडिया पर आना आम बात है। मेरे भी दो बेटे हैं, जो 6 और 3 साल के हैं। एक बार उन्होंने 2 सेकेंड की एक वीडियो को अपलोड किया जिसमें उन्होंने मिस यू डेडी लिखा था। लेकिन टेक्नोलॉजी का मिस यूज किया गया है और उस वीडियो और उनकी आवाज को चुराया गया और उसे ओवर क्रिएट करके मुझे ब्लैकमेल किया गया। कि मेरे बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। ऐसे में हम जल्दबाजी में उन्हें बचाने के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे। लेकिन तब तक हम स्कैम के शिकार हो गए होंगे। एआई की मदद से क्राइम और स्कैम के मामले काफी बढ़ें हैं। हमें सावधान रहने की जरूरत है।
