देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारी महंगाई भत्ता बढ़ने का इंतजार कर रहे हैं। इस साल जनवरी-जून 2026 के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का इंतजार लंबा खिंच गया है। अप्रैल का पहला हफ्ता खत्म भी हो गया है लेकिन सरकार ने अभी तक कोई घोषणा नहीं की है। यह पिछले एक दशक के ट्रेंड से बिल्कुल अलग है। आमतौर पर सरकार जनवरी चक्र का ऐलान मार्च के अंत तक कर देती थी।
मार्च के पैटर्न से इस बार बदलाव
पिछले डेटा पर नजर डालने से पता चलता है कि जहां होली से पहले घोषणा की गारंटी हमेशा नहीं होती, वहीं जनवरी साइकिल के DA (महंगाई भत्ता) फैसले के लिए मार्च का महीना लगातार तय रहा है। पिछले कुछ सालों में जनवरी साइकिल की घोषणा की तारीखें इस प्रकार रहीं: 2025 में 28 मार्च, 2024 में 7 मार्च, 2023 में 24 मार्च, 2022 में 30 मार्च, 2021 में कोई घोषणा नहीं हुई क्योंकि DA फ्रीज़ था, 2020 में 17 मार्च, 2019 में 13 मार्च, 2018 में 7 मार्च, 2017 में 16 मार्च और 2016 में 23 मार्च को घोषणा की गई। इस लिहाज से 2026 एक अपवाद बन जाता है, क्योंकि मार्च का महीना बिना किसी फैसले के गुजर गया।
इस साल देरी क्यों हो रही है?
जानकारों का कहना है कि यह देरी किसी नीति की वजह से नहीं, बल्कि प्रक्रियागत कारणों से है। सरकार की ओर से घोषणा में देरी की वजह किसी नई सोच या तरीके की वजह से नहीं, बल्कि आंतरिक प्रक्रियाओं से जुड़ा है। DA अब 60% के करीब पहुंच रहा है, जिसके लिए ज्यादा ढांचागत बदलावों के साथ तालमेल बिठाने की जरूरत है। इसलिए देरी हो रही है।
कर्मचारियों के लिए इसका क्या मतलब है?
हालांकि, कर्मचारियों को आखिरकार बकाया राशि मिल जाएगी, लेकिन इस देरी के कुछ अल्पकालिक असर भी होंगे। एक बार घोषणा हो जाने के बाद, DA में हुई बढ़ोतरी को 1 जनवरी, 2026 से पिछली तारीख से लागू किया जाएगा। अभी, केंद्र सरकार के कर्मचारियों को 58% DA मिल रहा है, जो अक्टूबर 2025 में घोषित 3% की बढ़ोतरी के बाद लागू हुआ है। अगली बढ़ोतरी लगभग 2% होने की व्यापक उम्मीद है, जिससे DA बढ़कर 60% हो जाएगा।
