Credit Card Rewards : क्रेडिट कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। बैंक अब अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्रोग्राम में कटौती कर रहे हैं। क्रेडिट कार्ड कारोबार में घटते मुनाफे और बढ़ती लागत के कारण बैंक ग्राहकों को मिलने वाले फायदे कम कर रहे हैं। कई बैंकों ने रिवॉर्ड पॉइंट्स कम कर दिए हैं, पॉइंट्स की वैल्यू घटाई जा रही है और उनकी वैधता अवधि भी कम की जा रही है। इसके अलावा एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस जैसे प्रीमियम फायदे (Credit Card Benefits) पाने के लिए ग्राहकों के लिए खर्च की सीमा बढ़ाई जा रही है।
बैंकों ने क्यों कम किए क्रेडिट कार्ड के फायदे?
बैंक अधिकारियों के अनुसार, क्रेडिट कार्ड कारोबार में मुनाफे पर दबाव बढ़ गया है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि अब कम ग्राहक अपने क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान लंबे समय तक बकाया रखते हैं। पहले कई ग्राहक क्रेडिट कार्ड से खर्च करने के बाद बकाया राशि पर ब्याज देते थे, जिससे बैंकों को अच्छी कमाई होती थी। लेकिन अब कई ग्राहक कम ब्याज दर वाले पर्सनल लोन के जरिए क्रेडिट कार्ड का कर्ज चुका रहे हैं। इससे बैंकों की ब्याज आय प्रभावित हुई है। इसके अलावा, बैंकों को कम लागत वाली जमा राशि जुटाने में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में महंगे रिवॉर्ड प्रोग्राम को जारी रखना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।
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ज्यादा फायदे देने वाले रिवॉर्ड प्रोग्राम बने बोझ
क्रेडिट कार्ड बाजार के तेजी से विस्तार के दौरान बैंकों ने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कई आकर्षक रिवॉर्ड और ऑफर शुरू किए थे। इनमें ज्यादा कैशबैक, ज्यादा रिवॉर्ड पॉइंट्स और मुफ्त एयरपोर्ट लाउंज जैसी सुविधाएं शामिल थीं। हालांकि, अब बैंकों का कहना है कि कुछ ग्राहक इन सुविधाओं का अधिकतम फायदा उठा रहे हैं, लेकिन इससे बैंकों को उतनी कमाई नहीं हो रही है। इसी वजह से बैंक अब रिवॉर्ड सिस्टम को अपने खर्च और कमाई के हिसाब से दोबारा तय कर रहे हैं।
एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस पर सबसे ज्यादा असर
क्रेडिट कार्ड से मिलने वाली सुविधाओं में एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है। कई बैंकों ने मुफ्त लाउंज विजिट की संख्या कम कर दी है। कुछ बैंकों ने इसके लिए ग्राहकों के कार्ड खर्च की सीमा तय कर दी है। यानी अब वही ग्राहक मुफ्त लाउंज सुविधा का लाभ उठा पाएंगे, जो एक निश्चित राशि तक कार्ड से खर्च करेंगे। प्रीमियम कार्ड इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों पर इसका असर कम हो सकता है क्योंकि वे आसानी से खर्च की सीमा पूरी कर लेते हैं। लेकिन कम शुल्क वाले बेसिक कार्ड रखने वाले ग्राहकों को लाउंज सुविधा के लिए अन्य विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं।
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बड़े बैंक भी कर चुके हैं बदलाव
भारत के क्रेडिट कार्ड बाजार में कुछ बड़े बैंक प्रमुख भूमिका निभाते हैं। इनमें एचडीएफसी बैंक, एसबीआई कार्ड्स, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे बैंक शामिल हैं। कई बड़े बैंकों ने पहले ही अपने क्रेडिट कार्ड फायदे कम करने की घोषणा कर दी है। कुछ बैंकों ने रिवॉर्ड पॉइंट्स की सीमा घटाई है, जबकि कुछ ने लाउंज एक्सेस के नियमों को सख्त किया है। एचडीएफसी बैंक ने अपने प्रीमियम कार्ड पर रिवॉर्ड पॉइंट्स और एयरपोर्ट लाउंज सुविधा के नियमों में बदलाव किया है। वहीं, एक्सिस बैंक ने कुछ रिवॉर्ड ट्रांसफर सुविधाओं को बंद किया है। एसबीआई कार्ड्स ने भी चुनिंदा कार्ड्स पर रिवॉर्ड कम किए हैं।
ग्राहकों को अब क्या करना चाहिए?
बैंकों के इस कदम से क्रेडिट कार्ड ग्राहकों को अपने कार्ड के फायदे और शर्तों को ध्यान से समझना होगा। सिर्फ रिवॉर्ड और ऑफर के आधार पर कार्ड चुनने के बजाय ग्राहकों को यह देखना चाहिए कि कार्ड की फीस, खर्च की सीमा और मिलने वाले वास्तविक फायदे उनके लिए कितने उपयोगी हैं। आने वाले समय में क्रेडिट कार्ड कंपनियां ज्यादा टिकाऊ मॉडल पर ध्यान दे सकती हैं। इसका मतलब है कि ग्राहकों को पहले की तरह हर कार्ड पर बड़े रिवॉर्ड और मुफ्त सुविधाएं मिलना मुश्किल हो सकता है। बैंक अब उन ग्राहकों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं, जो वास्तव में कार्ड का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं और कारोबार के लिए लाभदायक हैं।
