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LPG Cylinder Price Hike: आज से महंगा हुआ कॉमर्शियल गैस सिलेंडर, जानें कितनी बढ़ी कीमत

LPG Cylinder Price Hike: आज यानी 1 अप्रैल 2026 से 19 किलो वाला कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर महंगा हो गया है। यह सिलेंडर मुख्य रूप से व्यवसायों में इस्तेमाल होता है। बढ़ोतरी से व्यवसायों के खर्च बढ़ सकते हैं। घरेलू सिलेंडर पर फिलहाल असर नहीं हुआ है।

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LPG गैस सिलेंडर हुआ महंगा

LPG Cylinder Price Hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच वैश्विक तेल कीमतों में आई तेजी के चलते आज यानी 1 अप्रैल 2026 से 19 किलो वाला वाणिज्यिक (Commercial) एलपीजी गैस सिलेंडर महंगा हो गया है। तेल कंपनियों ने इसके दाम बढ़ा दिए हैं। दिल्ली में सिलेंडर की कीमत में ₹195.50 की वृद्धि हुई है, जबकि कोलकाता में यह बढ़ोतरी ₹218 तक है।सरकारी तेल कंपनियों के मुताबिक 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब दिल्ली में 2,078.50 रुपये हो गई है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विनिमय दर के आधार पर एलपीजी और विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों की समीक्षा करती हैं।

कीमत बढ़ने की वजह

LPG (लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस) की कीमतों में यह वृद्धि कई आर्थिक तथा अंतरराष्ट्रीय कारणों से हो रही है। भारत अपनी गैस का एक बड़ा भाग विदेशों से आयात करता है। इसलिए कच्चे तेल के दामों में उतार‑चढ़ाव, डॉलर‑रुपये के विनिमय दर, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और परिवहन लागत जैसे कारक सीधे घरेलू कीमतों को प्रभावित करते हैं। तेल कंपनियां हर महीने LPG सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करती हैं और कुल खर्चों के आधार पर रेट तय करती हैं। घरेलू सिलेंडरों की कीमतों में आमतौर पर स्थिरता बनी रहती है, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडरों पर सब्सिडी नहीं मिलती, इसलिए इनके दाम में अधिक उतार‑चढ़ाव देखा जाता है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए स्थिति

वहीं घरेलू (14.2 किलो वाला) सिलेंडरों की कीमतों में फिलहाल कोई बड़ा बदलाव रिपोर्ट में नहीं दिखा है, यानी आम घरों में खाना पकाने के लिए उपयोग होने वाले छोटी सिलेंडरों की कीमत स्थिर बनी हुई है। इससे घरों पर इसका असर कुछ हद तक सीमित रहता है।

असर व्यवसायों पर

19 किलो वाला कॉमर्शियल LPG का उपयोग मुख्य रूप से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग सेवाओं, दुकानों और छोटे उद्योगों में होता है। इन व्यवसायों को रोजाना कई सिलेंडर की जरुरत होती है। सिलेंडर की कीमत बढ़ने से इनके संचालन की लागत बढ़ जाती है। व्यवसायी वर्ग का मानना है कि कीमतों में लगातार वृद्धि से खर्च बढ़ेगा और अंततः ग्राहकों को भी महंगाई की भरपाई के लिए अधिक भुगतान करना पड़ सकता है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और घरेलू मांग के आधार पर सरकार और तेल कंपनियां समय-समय पर सिलेंडर की कीमतों में बदलाव करती रहती हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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