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बच्चों के हाथ में भी होगा खुद का ATM कार्ड! जानिए 5 बड़े बैंकों के नियम, लिमिट और हर महीने का खर्च

अब बच्चे भी पॉकेट मनी के लिए कैश पर निर्भर नहीं रहेंगे। भारत के 5 बड़े बैंक बच्चों के लिए खास डेबिट कार्ड दे रहे हैं। जानिए इन चाइल्ड डेबिट कार्ड्स की लिमिट, फीचर्स और सालाना चार्ज की पूरी जानकारी।

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बच्चों के हाथ में भी होगा खुद का ATM कार्ड!

डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में अब सिर्फ बड़े ही नहीं, बल्कि बच्चे भी ऑनलाइन पेमेंट और एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं। बच्चों में बचपन से ही वित्तीय समझ (Financial Literacy) और मनी मैनेजमेंट की आदत डालने के लिए देश के प्रमुख बैंक नाबालिगों (Minors) के लिए विशेष सेविंग्स अकाउंट और डेबिट कार्ड की सुविधा दे रहे हैं। ये चाइल्ड डेबिट कार्ड माता-पिता के नियंत्रण (Parental Control) में काम करते हैं, जिससे बच्चे सुरक्षित तरीके से डिजिटल लेन-देन सीख सकते हैं और अभिभावक भी उनके खर्चों पर पूरी नजर रख सकते हैं।

भारत के 5 प्रमुख बैंक HDFC बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, एक्सिस बैंक, IDBI बैंक और इंडियन बैंक बच्चों के लिए खास डेबिट कार्ड ऑफर करते हैं। एचडीएफसी बैंक का 'FirstISA Savings Account' 7 से 18 साल के बच्चों के लिए है, जिसमें खास 'FirstISA Debit Card' दिया जाता है। इस कार्ड की दैनिक शॉपिंग और एटीएम निकासी लिमिट 2,500 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक तय की जा सकती है। इसी तरह, कोटक महिंद्रा बैंक का 'Junior Savings Account' 10 साल से अधिक उम्र के बच्चों को उनकी फोटो वाला पर्सनलाइज्ड डेबिट कार्ड देता है, जिसकी दैनिक खर्च सीमा अभिभावक अपने मोबाइल बैंकिंग ऐप से खुद तय कर सकते हैं।

एक्सिस बैंक का 'Future Stars Savings Account' 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बनाया गया है, जिसमें 10 साल से बड़े बच्चे खुद अपने नाम से डेबिट कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। IDBI बैंक का 'Being Me Savings Account' 10 से 18 साल के किशोरों के लिए है, जिसमें आकर्षक डिजाइन वाला डेबिट कार्ड मिलता है। वहीं, सरकारी क्षेत्र का इंडियन बैंक भी अपने 'IB Smart Kid' खाते के जरिए 10 साल से ऊपर के बच्चों को एटीएम और पीओएस (POS) लेन-देन के लिए डेबिट कार्ड की सुविधा देता है, जिसकी मंथली और डेली लिमिट काफी सुरक्षित रखी गई है।

इन चाइल्ड डेबिट कार्ड्स के सुरक्षा फीचर्स की बात करें तो माता-पिता अपने बैंक के मोबाइल ऐप के जरिए कभी भी कार्ड को ऑन/ऑफ कर सकते हैं, एटीएम से कैश निकालने की लिमिट शून्य कर सकते हैं या केवल पीओएस व ऑनलाइन खरीदारी चालू रख सकते हैं। जब भी बच्चा इस कार्ड से कोई लेन-देन करता है, उसका तुरंत एसएमएस (SMS) अलर्ट अभिभावक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आ जाता है। इससे अनचाहे खर्चों और धोखाधड़ी से बच्चों का बचाव होता है।

फीस और चार्ज की बात करें तो ज्यादातर बैंक खाता खोलते समय पहला डेबिट कार्ड मुफ्त देते हैं, लेकिन इसके बाद सालाना मेंटेनेंस चार्ज (Annual Maintenance Fee) के रूप में 150 रुपये से लेकर 300 रुपये (प्लस जीएसटी) का शुल्क लिया जाता है। अगर आप भी अपने बच्चों को शुरुआत से ही बजट बनाना और डिजिटल रूप से जिम्मेदार बनना सिखाना चाहते हैं, तो आप इन 5 बैंकों में से किसी भी बैंक में अपने बच्चे का माइनर अकाउंट खुलवाकर यह खास डेबिट कार्ड ले सकते हैं।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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