Canara Bank FD Returns 2026: बहुत से लोग अपनी बचत को बैंक FD में निवेश करना पसंद करते हैं, क्योंकि इसमें जोखिम कम होता है और रिटर्न पहले से तय रहता है। अगर आप भी FD में निवेश की योजना बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके लिए काम की साबित हो सकती है। सरकारी बैंक Canara Bank ग्राहकों को अलग-अलग अवधि की FD योजनाओं पर आकर्षक ब्याज दरें ऑफर कर रहा है। लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश करना चाहते हैं तो बैंक की 5 साल की अवधि वाली FD में निवेश कर सकते हैं।
5 साल की FD के लिए कितनी है ब्याज दर

FD
Canara Bank वर्तमान में 5 साल की FD पर सामान्य ग्राहकों को 6.25 प्रतिशत की दर से ब्याज दे रहा है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को इसी अवधि के लिए 6.75 प्रतिशत तक ब्याज मिल रहा है। अमूनन हर बैंक की ओर से सीनियर सिटिजन्स को अतिरिक्त ब्याज का फायदा मिलता है, जिससे उनकी कुल कमाई सामान्य ग्राहकों से ज्यादा हो जाती है।
5 साल बाद कितने रुपये मिलेंगे
उदाहरण के लिए मान लें अगर कोई सामान्य ग्राहक बैंक की 5 साल वाली FD स्कीम में 5 लाख रुपये निवेश करता है तो मैच्योरिटी पर उसे लगभग 1,81,770 रुपये ब्याज के रूप में मिलेंगे। यानी कुल मैच्योरिटी राशि बढ़कर करीब 6,81,770 रुपये हो जाएगी। यह उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प माना जा सकता है, जो बिना ज्यादा जोखिम के अपनी रकम बढ़ाना चाहते हैं।
वहीं वरिष्ठ नागरिकों को इस स्कीम में और ज्यादा फायदा मिल सकता है। अगर कोई सीनियर सिटिजन 5 लाख रुपये की FD करवाता है तो उसे मैच्योरिटी पर करीब 1,98,749 रुपये ब्याज मिलेगा। ऐसे में कुल मैच्योरिटी राशि लगभग 6,98,749 रुपये हो जाएगी। अतिरिक्त ब्याज की वजह से वरिष्ठ नागरिकों की कमाई में साफ अंतर देखने को मिलता है।
FD में क्यों करें निवेश
FD की सबसे बड़ी खासियत इसकी सुरक्षा मानी जाती है। शेयर बाजार या अन्य मार्केट आधारित निवेश विकल्पों की तरह इसमें उतार-चढ़ाव का खतरा नहीं होता। निवेशक को पहले से ही पता रहता है कि तय अवधि पूरी होने पर उसे कितनी रकम मिलने वाली है। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों, रिटायर व्यक्तियों और कम जोखिम पसंद करने वाले निवेशकों के बीच FD काफी लोकप्रिय है।
5 साल की FD का एक और फायदा टैक्स सेविंग से भी जुड़ा होता है। कई बैंक टैक्स सेविंग FD की सुविधा देते हैं, जिसमें निवेशक आयकर कानून की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का लाभ ले सकते हैं। हालांकि, FD पर मिलने वाला ब्याज टैक्सेबल होता है और तय सीमा से ज्यादा ब्याज होने पर बैंक TDS भी काट सकता है।
लंबी अवधि की FD उन लोगों के लिए फायदेमंद हो सकती है, जो स्थिर और सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं। हालांकि निवेश करने से पहले ब्याज दर, टैक्स नियम और अपनी वित्तीय जरूरतों को जरूर समझ लेना चाहिए।
