DA Hike Update: केंद्र सरकार ने अपने लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA Hike) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद अब केंद्रीय कर्मचारियों का डीए 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में लिए गए इस फैसले का फायदा देश के लगभग 50 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों (Pension Holders) को मिलेगा। पेंशनर्स के लिए इसे महंगाई राहत (DR) कहा जाता है। यह बढ़ोतरी AICPI-IW (ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स) के पिछले 12 महीनों के औसत आंकड़ों के आधार पर की गई है।
देरी की वजह
आमतौर पर सरकार होली के आसपास डीए बढ़ोतरी का ऐलान कर देती है, लेकिन इस बार घोषणा में हुई देरी ने कर्मचारियों के बीच काफी बेचैनी पैदा कर दी थी। साल 2016 में सातवां वेतन आयोग लागू होने के बाद यह पहली बार है जब डीए के ऐलान में इतना वक्त लगा। जानकारों का मानना है कि इस देरी के पीछे दो मुख्य कारण हो सकते हैं पहला, सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन की तैयारी और ट्रांजिशन प्रक्रिया। दूसरा, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बढ़ता वित्तीय दबाव। हालांकि, अब इस फैसले से कर्मचारियों की सभी आशंकाएं दूर हो गई हैं।
सैलरी पर कितना पड़ेगा असर?
डीए में 2 फीसदी की यह बढ़ोतरी आपकी इनहैंड सैलरी में सम्मानजनक इजाफा करेगी। इसे एक उदाहरण से समझते हैं
अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 36,500 रुपये है, तो 58% के हिसाब से उसे 21,170 रुपये डीए मिलता था। अब 60% होने पर यह 21,900 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने सैलरी में 730 रुपये की सीधी बढ़ोतरी होगी। साथ ही, जनवरी 2026 से अब तक का एरियर भी मिलेगा।
अगर किसी की बेसिक पेंशन 9,000 रुपये है, तो पहले उन्हें 5,220 रुपये मिलते थे। अब 60% के हिसाब से यह 5,400 रुपये हो जाएगा, यानी पेंशन में 180 रुपये प्रति माह का इजाफा होगा।
सॉवरेन मेरिटाइम फंड और इंश्योरेंस कवर
कैबिनेट ने केवल कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि भारतीय शिपिंग सेक्टर को भी बड़ी सौगात दी है। सरकार ने 13,000 करोड़ रुपये के 'सॉवरेन मेरिटाइम फंड' (Sovereign Maritime Fund) को मंजूरी दी है। इस फंड का मुख्य उद्देश्य भारतीय जहाजों को किफायती और स्थायी इंश्योरेंस कवर प्रदान करना है। वैश्विक स्तर पर बढ़ते समुद्री तनाव को देखते हुए भारतीय जहाजों की सुरक्षा और उनके बीमा को सस्ता बनाना देश के व्यापार के लिए बेहद जरूरी कदम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का विस्तार
ग्रामीण भारत के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना को साल 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इसके लिए सरकार ने 3,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट आवंटित किया है। इस योजना के विस्तार से दूर-दराज के गांवों को मुख्य सड़कों से जोड़ने का काम तेजी से पूरा किया जा सकेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल
भारत सरकार ने शनिवार को समुद्री व्यापार को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 'भारत मैरीटाइम इंश्योरेंस पूल' (BMI Pool) के गठन को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसकी जानकारी दी। सरकार ने इस इंश्योरेंस पूल के लिए 12,980 करोड़ रुपये की सॉवरेन गारंटी (सरकारी सुरक्षा) देने का फैसला किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य भारतीय व्यापारिक जहाजों को निरंतर और किफायती बीमा कवर उपलब्ध कराना है।
यह इंश्योरेंस पूल उन भारतीय जहाजों और भारत आने-जाने वाले कार्गो जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, जो संवेदनशील या अशांत समुद्री मार्गों से गुजरते हैं। अक्सर युद्ध या तनाव के समय अंतरराष्ट्रीय बीमा कंपनियां अपनी कीमतें बहुत बढ़ा देती हैं या कवर देने से मना कर देती हैं, जिससे व्यापार पर बुरा असर पड़ता है। अब इस पूल के जरिए भारतीय व्यापारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार किफायती दरों पर बीमा मिल सकेगा।
खास बात यह है कि यह पूल जहाजों के ढांचे (Hull and Machinery), माल (Cargo), पीएंडआई (P&I) और युद्ध से जुड़े जोखिमों (War risk) सहित सभी समुद्री खतरों को कवर करेगा। इस पूल की कुल अंडरराइटिंग क्षमता लगभग 950 करोड़ रुपये होगी। इसमें शामिल सदस्य बीमा कंपनियां इसी पूल की साझा क्षमता का उपयोग करके पॉलिसी जारी करेंगी। इस फैसले से न केवल भारत का समुद्री व्यापार सशक्त होगा, बल्कि विदेशी कंपनियों पर निर्भरता भी कम होगी।
