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Capital Expenditure Expected Budget 2024: अगले वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय में 20% तक बढ़ोतरी करेगी भारत सरकार

  • Authored by: रामानुज सिंह
  • Updated Jan 30, 2024, 08:34 PM IST

Capital Expenditure Expected Budget 2024 in Hindi: भारत सरकार 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय (Capital expenditure) में 15-20% की बढ़ोतरी कर सकती है।

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सरकार पूंजीगत खर्च में बढ़ोतरी करेगी

Photo : BCCL

Budget 2024: भारत सरकार 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय (Capital expenditure) में 15-20% की बढ़ोतरी पर विचार कर रही है। सीएनबीसी-टीवी18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि भारत सरकार 1 अप्रैल से शुरू होने वाले अगले वित्तीय वर्ष में पूंजीगत व्यय में 15-20% की बढ़ोतरी कर सकती है। यह घोषणा 1 फरवरी को पेश होने वाले भारत के अंतरिम बजट में की जाएगी। भारत सरकार ने 31 मार्च 2024 को समाप्त होने वाले वित्तीय वर्ष के लिए 10 लाख करोड़ रुपए (120.33 बिलियन डॉलर) के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा है।

पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मिलेगी मदद

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी 2023 को अपने भाषण में देश की जीडीपी के 3 प्रतिशत से अधिक आवंटन के साथ आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत पूंजीगत व्यय की घोषणा की थी। पूंजीगत व्यय के लिए करीब 10 लाख करोड़ रुपए आवंटित किए गए जो एक रिकॉर्ड है। अब पूंजीगत व्यय को और बढ़ने से भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी। विकास को समर्थन मिलेगा और निजी क्षेत्र के निवेश में भी वृद्धि होगी। जीडीपी वृद्धि रीडिंग में, विश्लेषकों ने केंद्र के पूंजीगत व्यय को मुख्य में से एक बताया है। दिसंबर में वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों से पता चला है कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सीपीएसई द्वारा पूंजीगत व्यय बजट लक्ष्य का करीब 52 प्रतिशत 3.79 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यह पिछले वित्तीय वर्ष की अप्रैल-सितंबर अवधि में सीपीएसई द्वारा किए गए पूंजीगत व्यय से अधिक है।

भारत का पूंजीगत व्यय में लगातार बढ़ोतरी

भारत का पूंजीगत व्यय (GFCF) बनाम GDP अनुपात वित्त वर्ष 2020 में चरम पर था और बाद में इसमें 270 आधार अंकों की वृद्धि हुई लेकिन यह अभी भी अपने पिछले शिखर से 500-600 आधार अंक पीछे है, जो वर्ष 2010 में पहुंचा था। आईएएनएस ने जेफरीज के एक शोध का हवाला देते हुए सुझाव दिया कि चूंकि पूंजीगत व्यय चक्र के सभी तीन घटक - आवास, कॉर्पोरेट पूंजीगत व्यय और सरकारी पूंजीगत व्यय वर्तमान में विस्तार कर रहे हैं, भारत को किसी भी संभावित वैश्विक मंदी से कम प्रभावित होना चाहिए। भारत में वर्ष दर वर्ष पूंजीगत व्यय में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत/9.5 प्रतिशत की तेज वृद्धि हुई है।

रामानुज सिंह
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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