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CIBIL Score: कैसे चमकेगा आपका सिबिल स्कोर? जानें क्रेडिट स्कोर सुधारने का 'सुपर फार्मूला'

CIBIL Score Improvement Tips: समय पर ईएमआई और बिल भरकर, क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल 30% तक सीमित रखकर, रिपोर्ट की गलतियां सुधारकर और बेवजह नए लोन के आवेदन से बचकर 6 महीने में सिबिल स्कोर सुधारा जा सकता है।

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लोन मिलने में आ रही है दिक्कत? 6 महीने में सिबिल स्कोर सुधारने के 5 अचूक उपाय

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CIBIL Score Improvement Tips : अगर आप नया घर खरीदने के लिए होम लोन या किसी अर्जेंट काम के लिए पर्सनल लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो एक कमजोर क्रेडिट स्कोर आपकी उम्मीदों पर पानी फेर सकता है। जब भी आप लोन के लिए अप्लाई करते हैं, बैंक सबसे पहले आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर चेक करते हैं। कम स्कोर होने पर या तो लोन रिजेक्ट हो जाता है या फिर आपको बहुत ऊंची ब्याज दरों पर कर्ज मिलता है। हालांकि, अच्छी बात यह है कि अगर आप सही वित्तीय आदतें अपनाएं, तो केवल 6 महीनों के भीतर अपने क्रेडिट स्कोर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देख सकते हैं। अगर आपका स्कोर हाल ही में छूटी हुई किस्तों, क्रेडिट कार्ड के ज्यादा इस्तेमाल या रिपोर्ट में किसी गलती की वजह से गिरा है, तो इस अवधि में सुधार होना लगभग तय है। क्रेडिट ब्यूरो के अनुसार आपका सिबिल स्कोर मुख्य रूप से चार बड़ी बातों पर निर्भर करता है। समय पर बिलों का भुगतान, क्रेडिट यूटिलाइजेशन (क्रेडिट सीमा का इस्तेमाल), क्रेडिट प्रोफाइल की उम्र और बार-बार लोन के लिए पूछताछ। यदि आप अगले 6 महीनों तक इन सभी पहलुओं पर ध्यान देकर अपने वित्तीय व्यवहार में अनुशासन लाते हैं, तो आपका क्रेडिट प्रोफाइल काफी मजबूत हो जाएगा।

समय पर ईएमआई और बिल भरकर सुधारें रिकॉर्ड

क्रेडिट स्कोर सुधारने का सबसे पहला और सबसे महत्वपूर्ण नियम है कि आप अपने सभी बकायों का भुगतान तय तारीख पर करें। आपकी क्रेडिट हिस्ट्री में पेमेंट टाइमलाइन का सबसे बड़ा योगदान होता है। चाहे आपके क्रेडिट कार्ड का बिल हो या किसी लोन की ईएमआई, किसी भी हाल में ड्यू डेट मिस न होने दें। अगर आप गलती से भी बिल भरना भूल जाते हैं, तो सिबिल में आपकी यह लापरवाही दर्ज हो जाती है और स्कोर तेजी से नीचे गिरता है। भूलने की आदत से बचने के लिए अपने बैंक खाते से ऑटो-डेबिट का विकल्प चुनें या कैलेंडर में रिमाइंडर लगाकर रखें। अगर आपके पास पुराना कोई बकाया या लेट पेमेंट पेंडिंग है, तो सबसे पहले उसे तुरंत क्लियर करें। हालांकि, पुरानी चूक रिपोर्ट में कुछ समय तक दिखती रहती है, लेकिन मौजूदा समय में नियमित भुगतान शुरू करने से धीरे-धीरे नया और पॉजिटिव रिकॉर्ड बनने लगता है।

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सीमित रखें

अगर आप अपने क्रेडिट कार्ड का सही तरीके से इस्तेमाल कर रहे हैं और समय पर पूरा बिल भर रहे हैं, फिर भी स्कोर नहीं बढ़ रहा है, तो इसकी वजह क्रेडिट यूटिलाइजेशन रेशियो (CUR) हो सकती है। आसान शब्दों में कहें तो, आपको जितनी क्रेडिट लिमिट मिली हुई है, उसमें से आप कितना खर्च करते हैं। यदि आपकी लिमिट 1 लाख रुपये है और आप हर महीने 80 से 90 हजार रुपये खर्च कर देते हैं, तो बैंक आपको "क्रेडिट हंग्री" या कर्ज पर निर्भर मानते हैं। अगले 6 महीनों के लिए अपनी क्रेडिट लिमिट का केवल 30% ही इस्तेमाल करने का नियम बनाएं। उदाहरण के लिए, 1 लाख की लिमिट पर 30,000 रुपये से अधिक का खर्च न करें। इसके अलावा, अगर संभव हो तो अपने मौजूदा क्रेडिट कार्ड के बकाये को जल्द से जल्द चुकाएं। जैसे-जैसे आपका इस्तेमाल घटेगा और बैंक यह डेटा सिबिल को भेजेंगे, आपका स्कोर अपने आप बेहतर होने लगेगा।

बार-बार लोन और कार्ड के लिए न करें आवेदन

जब आपको किसी बैंक से लोन नहीं मिलता, तो घबराकर एक साथ कई बैंकों या लोन ऐप्स में अप्लाई करने की गलती कभी न करें। जब भी आप किसी नए क्रेडिट कार्ड या लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो संबंधित बैंक आपकी क्रेडिट रिपोर्ट की पूरी जांच करता है। इसे वित्तीय भाषा में "हार्ड इंक्वायरी" कहा जाता है। कम समय के भीतर कई जगह से हार्ड इंक्वायरी होने पर सिबिल इसे नकारात्मक संकेत के रूप में लेता है। इससे ऐसा लगता है कि आप वित्तीय संकट में हैं और ज्यादा से ज्यादा कर्ज लेना चाहते हैं। यदि आपका कोई लोन एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाता है, तो तुरंत 5 जगह नया फॉर्म भरने के बजाय पहले रिजेक्शन का कारण समझें और उसे ठीक करें। 6 महीने तक नए लोन के लिए आवेदन करने से बचें।

रिपोर्ट की गलतियों को पहचानें और तुरंत दर्ज करें शिकायत

कई बार आपका कोई दोष न होने के बावजूद क्रेडिट स्कोर कम हो जाता है। इसका कारण आपकी रिपोर्ट में दर्ज गलत जानकारी हो सकती है। इसीलिए हर कुछ महीनों में अपनी सिबिल रिपोर्ट को ध्यान से चेक करना बेहद जरूरी है। रिपोर्ट में यह जरूर देखें कि क्या कोई ऐसा अकाउंट तो नहीं दिख रहा जो आपने कभी खोला ही न हो, या कोई ऐसा लोन जिसे आप चुका चुके हैं लेकिन वह अभी भी एक्टिव दिख रहा है। अगर आपको अपनी रिपोर्ट में कोई भी गलत डेटा, गलत बकाया या गलत लेट पेमेंट दिखाई दे, तो तुरंत सिबिल की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन डिस्प्यूट (Dispute) दर्ज करें। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए नियमों के तहत अब बैंक बहुत तेजी से सिबिल को अपडेटेड डेटा भेजते हैं। जैसे ही आपकी गलत जानकारी ठीक होगी, आपका स्कोर तुरंत बढ़ जाएगा।

पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद करने की न करें भूल

कई लोग अपने क्रेडिट वॉलेट को साफ-सुथरा रखने या नए कार्ड आने पर अपने सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद करा देते हैं। लेकिन सिबिल स्कोर के मामले में यह एक बड़ी भूल साबित हो सकती है। सिबिल इस बात को भी तवज्जो देता है कि आपकी क्रेडिट हिस्ट्री कितनी पुरानी है। पुराना कार्ड जितना लंबा चलेगा और उस पर आपका रिकॉर्ड जितना साफ रहेगा, आपका स्कोर उतना ही मजबूत होगा। इसके अलावा, पुराना कार्ड बंद करने से आपकी कुल क्रेडिट लिमिट कम हो जाती है। जब कुल लिमिट घटती है, तो आपका यूटिलाइजेशन रेशियो अपने आप बढ़ जाता है। इसलिए, अगर आपके सबसे पुराने क्रेडिट कार्ड पर कोई भारी एनुअल फीस नहीं है, तो उसे चालू रखें और कभी-कभी छोटा-मोटा भुगतान करके एक्टिव रखें।

6 महीने में कितना बदलेगा आपका स्कोर?

6 महीने का समय क्रेडिट स्कोर को एक नई दिशा देने के लिए काफी होता है, लेकिन कोई भी आपको निश्चित अंकों की गारंटी नहीं दे सकता। यदि आप पर केवल छोटी-मोटी गलतियों या ज्यादा कार्ड इस्तेमाल का असर था, तो 6 महीने में स्कोर काफी अच्छा हो सकता है। लेकिन अगर अतीत में आपने कोई बड़ा लोन डिफॉल्ट किया है या सेटलमेंट कराया है, तो प्रोफाइल को पूरी तरह उबरने में ज्यादा समय लग सकता है। रातों-रात या पैसे लेकर स्कोर बढ़ाने का दावा करने वाले फर्जी एजेंटों और कंपनियों से सावधान रहें। क्रेडिट स्कोर पूरी तरह आपकी आदतों पर आधारित होता है। हर महीने अपने बिलों का सही समय पर भुगतान करें, खर्चों पर नियंत्रण रखें और सिबिल रिपोर्ट की निगरानी करते रहें। अनुशासन और धैर्य ही आपके सिबिल स्कोर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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