बजट 2026

Budget 2025: बजट तैयारी, अर्थशास्त्रियों ने औद्योगिक नीति लाने का दिया सुझाव

Budget 2025: अर्थशास्त्री भारत सरकार को 2025-26 के केंद्रीय बजट से पहले विनिर्माण को बढ़ावा देने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए एक औद्योगिक नीति पेश करने और राजकोषीय अनुशासन में ढील देने की सलाह देते हैं। मुख्य सुझावों में निवेश बढ़ाने और जलवायु परिवर्तन संबंधी चिंताओं को दूर करने के उपाय शामिल हैं।

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अर्थशास्त्रियों ने औद्योगिक नीति लाने का दिया सुझाव

Photo : iStock

Budget 2025: अर्थशास्त्रियों ने शुक्रवार को सरकार को अगले वित्त वर्ष के बजट में विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एक औद्योगिक नीति लाने और राजकोषीय मजबूती में ढील देने का सुझाव दिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों से मुलाकात की और 2025-26 के आम बजट पर उनके विचार मांगे। बजट एक फरवरी, 2025 को संसद में पेश किये जाने की संभावना है।

अर्थशास्त्रियों ने सरकार को निवेश बढ़ाने के तरीके बताये

स्वदेशी जागरण मंच के राष्ट्रीय सह-संयोजक अश्विनी महाजन ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि अर्थशास्त्रियों ने सरकार को निवेश बढ़ाने के तरीके बताये और खाद्य मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने तथा जलवायु परिवर्तन से निपटने के सुझाव भी दिए। महाजन ने कहा कि राजकोषीय मजबूती के संबंध में कुछ अर्थशास्त्रियों ने कहा कि इसमें ढील दी जा सकती है, जबकि कुछ को लगता है कि मौजूदा रुख को जारी रखना चाहिए।

आम बजट में सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.9 प्रतिशत तक लाने का अनुमान रखा है। वित्त वर्ष 2023-24 में घाटा जीडीपी का 5.6 प्रतिशत था। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि बजट में व्यापक विनिर्माण और औद्योगिक नीति लानी चाहिए। लेखा परीक्षक और प्रख्यात अर्थशास्त्री अनिल शर्मा ने कहा कि खपत बढ़ाने के लिए व्यक्तिगत आयकर में कटौती के संबंध में भी सुझाव दिए गए।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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