बजट 2026

Budget 2024: मकान मालिकों को बड़ी राहत, किराए पर पर टैक्स देनदारी होगी कम, शहरों में घर खरीदना होगा आसान

Budget 2024: पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा वित्त मंत्री ने घर के किसी हिस्से को किराए पर देने वालों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी राहत दी है।

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बजट से घरों की बढ़ेगी डिमांड

Budget 2024: घर के किसी हिस्से को किराए पर देने वालों को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ी राहत दी है। बजट के अनुसार मकान या मकान के किसी हिस्से को मालिक द्वारा किराये पर देने से होने वाली आय को ‘व्यापार या पेशे से होने वाले लाभ व प्राप्ति’के तहत नहीं लिया जाएगा, बल्कि इस पर केवल ‘गृह संपत्ति से आय’के तहत कर लगाया जाएगा। इसके अलावा सरकार बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 में संशोधन भी करने जा रही है। इससे संपत्ति की कुर्की से लेकर दूसरे मामलों पर भी राहत देने की योजना है।

शहरों में पीएम आवास से एक करोड़ को फायदा

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत एक करोड़ शहरी गरीब तथा मध्यम वर्गीय परिवारों की आवास आवश्यकता को पूरा करने के लिए अगले पांच वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता दी जाएगी। तथा सस्ती दरों पर लोन उपलब्ध कराने के लिए ब्याज सब्सिडी का भी देने की तैयारी है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि पीएम आवास योजना शहरी 2.0 के तहत 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश से एक करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की आवास जरूरतों को पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसमें अगले पांच वर्षों में 2.2 लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता भी शामिल होगी।मंत्री ने कहा कि सरकार सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराने के लिए ब्याज सब्सिडी देने की भी योजना बना रही है।

रियल एस्टेट सेक्टर को फायदा

गंगा रियल्टी के कार्यकारी निदेशक नीरज के मिश्रा ने कहा कि पीएमएवाई शहरी आवास 2.0 की घोषणा और कार्यक्रम के लिए 10 लाख करोड़ रुपये निर्धारित करने के साथ, सरकार ने एक बार फिर बजट 2024 में सभी के लिए आवास प्राप्त करने के अपने मुख्य एजेंडे को प्राथमिकता दी है। आवास को बढ़ावा देने के लिए नए बजट आवंटित करना बजट घोषणाओं में आम बात हो गई है, लेकिन औद्योगिक श्रमिकों के लिए किराये के आवास पर ध्यान केंद्रित करना, जिसे पीपीपी मोड में लिया जाएगा, एक अच्छा आश्चर्य और आवास के विविध रूपों को बढ़ावा देने की दिशा में एक ताज़ा कदम है।

वहीं त्रेहान समूह के प्रबंध निदेशक सारांश त्रेहान ने बताया कि सभी के लिए आवास की अनिवार्यता बजट 2024 के लिए एक बार फिर मुख्य आधार बन गई है पीपीपी मोड पर बनाए जाने वाले रेंटल हाउसिंग की शुरुआत और रिटेल इंफ्रास्ट्रक्चर का आकार बढ़ाना रियल एस्टेट सेक्टर और हाउसिंग सेगमेंट को सशक्त बनाने और मेट्रो के साथ-साथ टियर 2 और 3 शहरों में सभी प्रकार के प्रॉपर्टी डेवलपमेंट को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण होगा।

ओरियन वन के निदेशक 32 दुष्यंत सिंह ने कहा है कि केंद्रीय बजट 2024 विकास, शहरीकरण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुछ आशाजनक रास्ते प्रदान करता है। रियायती दरों पर घरों की उपलब्धता उन्हें संपत्तियों में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। दूसरी ओर, पीपीपी मोड पर बनाए जाने वाले किराये के आवास पर सरकार का ध्यान भी सराहनीय है और औद्योगिक श्रमिकों के लिए रहने की स्थिति में सुधार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

बजट पर के डब्ल्यू ग्रुप के निदेशक और क्रेडाई गाजियाबाद के उपाध्यक्ष श पंकज कुमार जैन ने कहा कि वित्त मंत्री ने प्रमुख योजनाओं की घोषणा की है, जैसे 1 करोड़ घर बनाए जायँगे 10 लाख करोड़ निवेश किया जायेगा और 30 लाख से अधिक आबादी वाले 14 शहरों को और विकसित किया जाएगा। इससे रियल एस्टेट डेवलपर्स के लिए बहुत बड़ा अवसर आएगा, जिससे सेक्टर का विकास होगा।

स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 75,000 रुपये करने से भी टैक्स बोझ कम होगा और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स में 2.5 कमी एक अच्छा कदम है और इससे सेक्टर के विकास में मदद मिलेगी। हालांकि सरकार को अभी भी सेक्टर की प्रमुख मांगों जैसे उद्योग का दर्जा, जीएसटी में कमी, व्यापार करने में आसानी, ऑफॉर्डबल हाउसिंग के लिए प्रोत्साहन और लोन के ब्याज दरों में कमी पर ध्यान देना होगा।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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