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सोमवार को शेयर बजार में Black Monday की आहट! मार्केट एक्सपर्ट ने दी बड़ी गिरावट की चेतावनी, जानें क्या है वजह

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा कि सोमवार को शेयर बाजार बहुत नकारात्मक प्रतिक्रिया देगा। अगर कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो हमारे व्यापार संतुलन और भुगतान संतुलन पर असर पड़ेगा, क्योंकि हम अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात से पूरा करते हैं।

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शेयर बाजार में कोहराम

Stock market crash on Monday :सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में खुलते ही बड़ी गिरावट आ सकती है। वीकेंड में अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमले के बाद जियोपॉलिटिकल टेंशन तेजी से बढ़ गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके असर भारतीय बाजार पर देखने को मिलेगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट के कारण सोमवार को शेयर बाजारों में नकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिलेगी। हालांकि, बाजार में गिरावट इस बार पर निर्भर करेगी कि यह संघर्ष कितने समय तक चलता है। विश्लेषकों ने यह बात कही।

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार को ईरान पर हमला किया था। ईरानी सरकारी मीडिया ने रविवार सुबह पुष्टि की कि इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं। भू-राजनीतिक स्थिति के अलावा, व्यापक आर्थिक आंकड़ों की घोषणा, वैश्विक बाजार के रुझान और विदेशी निवेशकों के रुख से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित होगी। होली के अवसर पर मंगलवार को शेयर बाजार बंद रहेंगे।

कच्चे तेल की कीमत तेजी से बढ़ी

स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के शोध प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ’’पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के बाद निवेशकों का उत्साह और भी कम हो गया है।’’ मीणा ने कहा, ’’भारत जैसी तेल आयातक अर्थव्यवस्था के लिए कच्चे तेल की ऊंची कीमतें मुद्रास्फीति, राजकोषीय संतुलन और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों के लिए जोखिम पैदा करती हैं। यह बाहरी झटका बाजार के लिए एक तकनीकी रूप से कमजोर क्षण में आया है।’’उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच सोमवार को बाजार गिरावट के साथ खुल सकते हैं। निवेशक तीसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़ों और मासिक वाहन बिक्री के आंकड़ों पर भी प्रतिक्रिया देंगे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.87 प्रतिशत चढ़कर 72.87 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है।

बाजार बहुत नकारात्मक प्रतिक्रिया देगा

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, ’’बाजार बहुत नकारात्मक प्रतिक्रिया देगा। यदि कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो हमारे व्यापार संतुलन और भुगतान संतुलन पर असर पड़ेगा, क्योंकि हम अपनी तेल जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात से पूरा करते हैं।’’ पिछले सप्ताह बीएसई सेंसेक्स 1,527.52 अंक या 1.84 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी 392.6 अंक या 1.53 प्रतिशत टूट गया था।

एफपीआई ने शेयर बाजार में 22,615 करोड़ डाले

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने फरवरी में भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये डाले हैं, जो 17 माह का उच्चस्तर है। इसकी वजह अंतरिम भारत-अमेरिका व्यापार करार, घरेलू बाजार के मूल्यांकन में कमी और कंपनियों के तीसरी तिमाही के बेहतर नतीजे हैं। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी में लिवाली से पहले लगातार तीन माह तक एफपीआई बिकवाल रहे थे। एफपीआई ने जनवरी में 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये की निकासी की थी।

कुल मिलाकर, एफपीआई ने 2025 में भारतीय शेयर बाजार से शुद्ध रूप से 1.66 लाख करोड़ रुपये (18.9 अरब डॉलर) निकाले थे, जिससे यह एफपीआई के प्रवाह की दृष्टि से सबसे खराब वर्षों में से एक रहा। आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया है। यह सितंबर, 2024 के बाद का सबसे ज़्यादा मासिक प्रवाह है। उस समय एफपीआई ने शेयरों में 57,724 करोड़ रुपये डाले थे।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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