देश में रसोई गैस के इस्तेमाल को लेकर पिछले कुछ समय से सरकार काफी सख्त नियम अपना रही है। हाल ही में सरकार ने 'एक घर, एक ईंधन' नीति के तहत साफ कर दिया था कि जिन घरों में पाइप वाली प्राकृतिक गैस यानी पीएनजी (PNG) का एक्टिव कनेक्शन है, वे घरेलू एलपीजी (LPG) सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं कर सकते। इस कड़े नियम के कारण लाखों उपभोक्ताओं को आनन-फानन में अपना पुराना एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना पड़ रहा था। लेकिन इस नियम के लागू होने के करीब एक महीने बाद, अब केंद्र सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय ने पीएनजी उपभोक्ताओं को एक बहुत बड़ी राहत दी है। सरकार ने 'तरल पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति और वितरण का विनियमन) संशोधन आदेश' जारी करते हुए एक बेहद लचीला और सुविधाजनक विकल्प पेश किया है, जिससे लोगों के सिर से एलपीजी कनेक्शन पूरी तरह खत्म होने का डर अब दूर हो गया है।
अब नहीं खत्म होगा LPG कनेक्शन
सरकार द्वारा जारी किए गए नए संशोधित नियमों के मुताबिक, अगर कोई उपभोक्ता एलपीजी से पीएनजी कनेक्शन पर शिफ्ट होता है, तो उसे पीएनजी कनेक्शन मिलने के 30 दिनों के भीतर अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को समाप्त करने या सरेंडर करने के लिए आवेदन करना होगा। लेकिन इस बार सरकार ने ग्राहकों के हितों को ध्यान में रखते हुए इसमें एक बेहतरीन सुरक्षा चक्र जोड़ा है। अब उपभोक्ता अपने एलपीजी कनेक्शन को पूरी तरह रद्द कराने के बजाय 'ट्रांसफर वाउचर' (Transfer Voucher) प्राप्त करने का विकल्प चुन सकते हैं। यह ट्रांसफर वाउचर एक तरह का गारंटी सर्टिफिकेट होगा, जो भविष्य में आपके काम आएगा। इसका सीधा मतलब यह है कि आपका एलपीजी कनेक्शन हमेशा के लिए खत्म नहीं होगा, बल्कि सरकार के रिकॉर्ड में सुरक्षित (सस्पेंड) रहेगा और भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसे बेहद आसानी से दोबारा एक्टिवेट कराया जा सकेगा।
किसको मिलेगा फायदा?
सरकार का यह नया कदम उन परिवारों, किराएदारों, छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिनका समय-समय पर ट्रांसफर होता रहता है या जिन्हें बार-बार घर बदलना पड़ता है। मान लीजिए कि आज आप दिल्ली-एनसीआर के किसी ऐसे वीआईपी इलाके या हाई-राइज सोसाइटी में रह रहे हैं जहाँ पीएनजी गैस की पाइपलाइन मौजूद है, लेकिन भविष्य में आपका ट्रांसफर किसी ऐसे शहर या दूरदराज के इलाके में हो जाता है जहाँ अभी तक पीएनजी का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं हुआ है। ऐसी स्थिति में आपको नए शहर में जाकर नया गैस कनेक्शन लेने के लिए लंबी कागजी कार्रवाई और मोटी सिक्योरिटी फीस से नहीं गुजरना पड़ेगा। आप अपने इसी 'ट्रांसफर वाउचर' को नए शहर के किसी भी गैस वितरक (Distributor) को दिखाकर अपने पुराने एलपीजी कनेक्शन को तुरंत और बिना किसी अतिरिक्त खर्च के दोबारा चालू (Reactivate) करवा सकेंगे।
मिल गई सबसे बड़ी राहत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि इस संशोधन का मुख्य उद्देश्य उन घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को अतिरिक्त ढील और सुविधा प्रदान करना है, जो पीएनजी अपना रहे हैं। इस नए नियम से बाजार में पारदर्शिता तो आएगी ही, साथ ही सिलेंडरों की अवैध जमाखोरी पर भी रोक लगेगी। उपभोक्ताओं को अब इस बात का डर नहीं सताएगा कि पीएनजी लेने के बाद उनका पुराना एलपीजी का अधिकार हमेशा के लिए छिन जाएगा। सरकार के इस दूरदर्शी फैसले ने पीएनजी अपनाने वाले मध्यम वर्ग की सबसे बड़ी चिंता को चुटकियों में हल कर दिया है, जिससे अब देश में क्लीन एनर्जी (स्वच्छ ईंधन) के विस्तार को और ज्यादा मजबूती मिलेगी।
