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शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट, Sensex 705 अंक टूटा, निवेशकों के इतने लाख करोड़ डूबे

अमेरिका के रूसी तेल खरीद को लेकर भारत पर लगाए गए 25% अतिरिक्त शुल्क के लागू होने से घरेलू बाजारों पर दबाव बढ़ा है। भारत पर अब कुल 50% अमेरिकी शुल्क लगा है। इसके अलावा विदेशी पूंजी की निकासी ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। इससे बाजार में गिरावट बढ़ी है।

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Sensex (Istock)

भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन बड़ी गिरावट रही। बीएसई सेंसेक्स 705.97 अंक टूटकर 80,080.57 अंक पर बंद हुआ। वहीं, दूसरी एनएसई निफ्टी में 211.15 अंकों की गिरावट रही। निफ्टी 24,500 अंक पर बंद हुआ। बाजार में दूसरे दिन बड़ी गिरावट की वजह अमेरिका द्वारा भारतीय सामान पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ है। अमेरिकी टैरिफ से भारतीय अर्थव्यवस्था में गिरावट की आशंका है। इसके चलते आज लगातार दूसरे दिन बाजार में बिवकाली हावी रही। बाजार में गिरावट से सेंसेक्स में शामिल अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, बीईएल, आईटीसी, एसबीआई, एनटीपीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट आदि में गिरावट रही। वहीं टूटते बाजार में टाइटन, एलटी, रिलायंस, एक्सिस बैंक, मारुति, बजाज फाइनेंस आदि शेयरों में तेजी रही।

दो दिन में निवेशकों के लाख करोड़ डूबे

बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गणेश चतुर्थी के कारण बंद थे। आज छुट्टी के बाद बाजार खुला तो लगातार दूसरे दिन बिकवाली हावी रही। मंगलवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट रही थी। बाजार में लगातार दो दिनों की गिरावट से निवेशकों को भारी नुकसान हुआ है। आपको बता दें कि बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 25 अगस्त यानी सोमवार को 4,55,02,643.25 करोड़ रुपये था। आज बाजार टूटने से बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप घटकर 4,45,43,453.85 रह गया। इस तरह निवेशकों के दो दिन में 9.5 लाख करोड़ डूब गए।

शेयर बाजार में अब आगे क्या?

मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि बाजार में यह गिरावट अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया 50 प्रतिशत टैरिफ के कारण है। अमेरिकी टैरिफ से भारत की जीडीपी में निकट भविष्य में 50 आधार अंकों की गिरावट की आशंका है। इससे बाजार की धारणा कमजोर हुई है। इसके चलते बाजार में गिरावट है। हालांकि, बाजार पहले ही बहुत टूट चुका है। इसलिए आगे बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। लंबी अवधि में भारतीय बाजार शानदार रिटर्न देने का दम रखते हैं। आगे बाजार की चाल मानसून, जीएसटी में कटौती, आरबीआई पॉलिसी और ट्रेड डील पर निर्भर करेगा। ट्रेड डील होने के बाद बाजार में बड़ी तेजी आ सकती है।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 6,516.49 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 7,060.37 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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