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Swiggy Valuation: IPO से पहले स्विगी की वैल्यूएशन आंकी गई 1 लाख करोड़, जानिए पूरी डिटेल

Swiggy Valuation: वित्त वर्ष 2022-23 में स्विगी की इनकम 45 प्रतिशत बढ़कर 8,625 करोड़ रु होने के बावजूद, इसका शुद्ध घाटा बढ़कर 4,179 करोड़ रु हो गया। यह उससे पिछले वित्तीय वर्ष के 5,705 करोड़ रु की इनकम और 3,629 करोड़ रु के शुद्ध घाटे के मुकाबले काफी अधिक ग्रोथ रही।

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स्विगी की वैल्यूएशन 1 लाख करोड़ है

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KEY HIGHLIGHTS
  • स्विगी की वैल्यूएशन आंकी गई 1 लाख करोड़
  • स्विगी लाएगी आईपीओ
  • सॉफ्टबैंक घटाएगा हिस्सेदारी

Swiggy Valuation: फूड डिलिवरी स्विगी भी आईपीओ लाने की तैयारी में है। उससे पहले अमेरिका की फंड मैनेजर बैरन ने स्विगी में अपनी हिस्सेदारी की वैल्यू में संशोधन किया है। बैरन ने अपनी हिस्सेदारी की वैल्यू 87.2 मिलियन डॉलर (721.60 करोड़ रु) कर दी है, जो हाइपरलोकल कॉमर्स यूनिकॉर्न स्विगी के लिए 12.16 बिलियन डॉलर (1 लाख करोड़ रु) की वैल्यूएशन का संकेत है। इस साल की शुरुआत में अमेरिका की ही एसेट मैनेजमेंट कंपनी (एएमसी) इनवेस्को ने स्विगी की वैल्यूएशन लगातार दो बार बढ़ाकर 8.3 बिलियन डॉलर (करीब 69000 करोड़ रु) कर दिया।

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जोमैटो की कितनी है वैल्यूएशन

मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार बैरन ने स्विगी की वैल्यूएशन में एडजस्टमेंट इसके प्रतिद्वंद्वी, जोमैटो की चढ़ती वैल्यूएशन के बीच किया है। जोमैटो के शेयर में पिछले छह महीनों में लगभग 58 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है, जो कि बेहतर प्रॉफिटैबिलिटी और इसकी अन्य यूनिट ब्लिंकिट की अच्छी ग्रोथ से प्रेरित है। बीएसई के अनुसार, ज़ोमैटो की मार्केट कैपिटल 1,41,072.44 करोड़ रु है।

कितनी है स्विगी की इनकम

वित्त वर्ष 2022-23 में स्विगी की इनकम 45 प्रतिशत बढ़कर 8,625 करोड़ रु होने के बावजूद, इसका शुद्ध घाटा बढ़कर 4,179 करोड़ रु हो गया। यह उससे पिछले वित्तीय वर्ष के 5,705 करोड़ रु की इनकम और 3,629 करोड़ रु के शुद्ध घाटे के मुकाबले काफी अधिक ग्रोथ रही।

कब आ सकता है स्विगी का आईपीओ

सॉफ्टबैंक के सपोर्ट वाली स्विगी के 2024 के शुरुआती महीनों में आईपीओ लॉन्च करने की संभावना थी। इस इश्यू के जरिए लगभग 50 करोड़ डॉलर (4137 करोड़ रु) जुटाने की उम्मीद है। आईपीओ के जरिए इसकी निवेशक सॉफ्टबैंक का टार्गेट कंपनी में अपनी हिस्सेदारी कम करना है।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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