ITR Form Changes: वित्तीय वर्ष 2023-24 और एसेसमेंट ईयर 2024-25 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल किया जा रहा है। इसके लिए हर साल फाइनेंशियल ईयर शुरुआत होने पर आईटीआर फॉर्म्स जारी किये जाते हैं। इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करने के लिए फॉर्म ITR-1, ITR-2, ITR-3, ITR-4, ITR-5, ITR-6, ITR-7 होते हैं। इसमें कई बार बदलाव किये जाते हैं। इस वित्तीय वर्ष में भी आईटीआर फॉर्म्स चेंजेज हुए हैं। आइए जानते हैं क्या-क्या बदलाव हुए हैं।
कटौती क्लेम के लिए नया कॉलम
इनकम टैक्स रिटर्न फाइल के लिए इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स को नई टैक्स रिजीम या पुरानी टैक्स रिजीम में से किसी एक का चयन करना होता है। यह आईटीआर फाइल करने से पहले बताना होता है कि किस टैक्स रिजीम के तहत वह रिटर्न दाखिल करेगा। आईटीआर फॉर्म 1 और आईटीआर फॉर्म 4 में कटौती क्लेम करने के लिए सेक्शन 80CCH के तहत एक नया कॉलम जोड़ा गया है।
नई से पुरानी टैक्स रिजीम में जाने के लिए ये बदलाव
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने आईटीआर 4 में भी बदलाव किए गए हैं। इस फॉर्म को सुगम भी कहा जाता है। इस फॉर्म का इस्तेमाल करने वाले टैक्सपेयर्स को नई टैक्स रिजीम की जगह पुरानी टैक्स रिजीम का इस्तेमाल करने के लिए फॉर्म 10-IEA को भरना पड़ता है। आईटीआर 4 फॉर्म इंडिविजुअल्स, हिंदू अविभाजित परिवार और ऐसे फर्मों के लिए है, जिनकी कुल इनकम 50 लाख रुपये तक है। जिनकी कमाई बिजनेस और प्रोफेशन से होती है। अगर आईटीआर फॉर्म 2, 3, 5 और 6 के जरिये इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करते हैं तो टैक्सपेयर्स को पूंजीगत लाभ खाता योजना के बारे में जानकारी देनी होती है।
आईटीआर फॉर्म में करना होगा चंदा का खुलासा
अगर आप टैक्सपेयर हैं और आपने राजनैतिक पार्टियों को चंदा दिया है को उसका भी खुलासा करना होगा। इसकी जानकारी नए शेड्यूल 80GGC के तहत आईटीआर में बतानी होती है। इनकम टैक्स का यह नियम आईटीआर फॉर्म 2, 3,5 और 6 इस्तेमाल करने वालों पर लागू होता है। इस फॉर्म्स में चंदा यानी डोनेशन कितना दिया, कब दिया सभी जानकारी देनी होती है। इनकम टैक्स हर साल जरूरी होने पर टैक्स फॉर्म में बदलाव करता है। इसकी जानकारी टैक्स विभाग अपनी वेबसाइट, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से टैक्सपेयर्स को बताता है।
