PPF Calculator: अगर आप शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं और अपने निवेश पर फिक्स रिटर्न चाहते हैं तो आपके लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) एक बेहतरीन निवेश विकल्प है। केंद्र सरकार द्वारा 1986 में शुरू की गई यह एक भरोसेमंद स्कीम में आज करोड़ों लोग निवेश करते हैं। इसकी सबसे अच्छी बात है कि इसमें आपको गारंटीड रिटर्न मिलता है। मौजूदा समय में इस स्कीम पर 7.1% की दर से ब्याज मिल रहा है। आइए समझते हैं कि कैसे आप 2000 रुपये प्रति महीने जमा कर 1 करोड़ से अधिक का फंड जमा कर सकते हैं।
इस तरह बने 1 करोड़ से अधिक के मालिक
| निवेश की अवधि | आपकी कुल जमा राशि (Investment) | मिलने वाला कुल ब्याज (Interest) | कुल मैच्योरिटी फंड (Total Fund) |
|---|---|---|---|
| 15 साल (मूल अवधि) | ₹3,60,000 | ₹2,90,913 | ₹6,50,913 |
| 20 साल (1 एक्सटेंशन) | ₹4,80,000 | ₹5,75,392 | ₹10,55,392 |
| 25 साल (2 एक्सटेंशन) | ₹6,00,000 | ₹10,25,321 | ₹16,25,321 |
| 30 साल (3 एक्सटेंशन) | ₹7,20,000 | ₹17,14,352 | ₹24,34,352 |
| 35 साल (4 एक्सटेंशन) | ₹8,40,000 | ₹27,47,749 | ₹35,87,749 |
| 40 साल (5 एक्सटेंशन) | ₹9,60,000 | ₹42,75,190 | ₹52,35,190 |
| 45 साल (6 एक्सटेंशन) | ₹10,80,000 | ₹65,11,811 | ₹75,91,811 |
| 50 साल (7 एक्सटेंशन) | ₹12,00,000 | ₹97,64,306 | ₹1,09,64,306 |
अनुमानित ब्याज दर: 7.1% (कंपाउंडिंग के आधार पर)
- यानी अगर आप अपने बच्चे के नाम 10 साल की उम्र में निवेश शुरू करते हैं और उसे 50 साल तक चलाते रहते हैं तो आसानी से 1 करोड़ रुपये से अधिक जमा कर लेंगे।
लंबी अविध में मिलता है शानदार रिटर्न
PPF भारत में टैक्स प्लानिंग, लंबी अवधि का फंड बनाने और रिटायरमेंट के लिए सबसे सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है, और यह संपत्ति बढ़ाने का एक असरदार जरिया भी है। पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स में छूट के लिए उपलब्ध, इसमें EEE का फायदा मिलता है। यानी निवेश पर छूट, मैच्योरिटी की रकम पर छूट और कमाए गए ब्याज पर छूट। पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत, इनकम-टैक्स एक्ट की धारा 80C के तहत कुल ₹1.5 लाख तक का सालाना योगदान टैक्स से मुक्त है।
PPF निवेश पर रिटर्न कैसे बढ़ाएं?
PPF के तहत, ब्याज की गणना हर महीने 5 तारीख से महीने के आखिर तक मौजूद न्यूनतम बैलेंस पर की जाती है। और, हालांकि ब्याज की गणना हर महीने होती है, लेकिन यह आपके खाते में सालाना तौर पर 31 मार्च को जमा किया जाता है। इसलिए, अगर आप 5 अप्रैल से पहले पैसे जमा करना भूल जाते हैं, तो आपके पैसे पर ब्याज अगले महीने (यानी मई) से मिलना शुरू होता है, और आप पूरे एक महीने के ब्याज से चूक जाते हैं।
