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Bank License Cancelled: RBI ने रद्द किया एक और बैंक का लाइसेंस, जमाकर्ताओं के पैसों का क्या होगा?

Bank License Cancelled: RBI ने महाराष्ट्र के द यशवंत सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया। बैंक वित्तीय नियमों का पालन नहीं कर सका। जमाकर्ताओं को डीआईसीजीसी के तहत पांच लाख रुपये तक बीमा राशि मिलेगी।

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भारतीय रिजर्व बैंक ने महाराष्ट्र के ‘द यशवंत सहकारी बैंक' का लाइसेंस रद्द किया (तस्वीर-Canva)

Bank License Cancelled : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने महाराष्ट्र के फलटन स्थित द यशवंत सहकारी बैंक (The Yashwant Cooperative Bank) का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई ने यह फैसला बैंक की खराब आर्थिक स्थिति और भविष्य में कमाई की कमजोर संभावनाओं को देखते हुए लिया। केंद्रीय बैंक का कहना है कि यह सहकारी बैंक लंबे समय से वित्तीय नियमों का पालन नहीं कर पा रहा था और उसकी पूंजी भी पर्याप्त नहीं बची थी।

बैंक ग्राहकों का पैसा लौटाने में असमर्थ

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक आरबीआई ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि बैंक की मौजूदा वित्तीय हालत इतनी कमजोर हो चुकी है कि वह अपने ग्राहकों की जमा राशि पूरी तरह लौटाने की स्थिति में नहीं है। बैंक लगातार बैंकिंग विनियमन अधिनियम के कई जरूरी प्रावधानों का पालन करने में विफल रहा। इसी वजह से केंद्रीय बैंक को सख्त कदम उठाना पड़ा। आरबीआई के अनुसार, अगर बैंक को आगे काम करने की अनुमति दी जाती, तो इससे जमाकर्ताओं के हितों को नुकसान पहुंच सकता था। ऐसे में बैंक का लाइसेंस रद्द करना जरूरी हो गया।

19 मई 2026 से बंद होंगी बैंकिंग सेवाएं

केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि 19 मई 2026 को कारोबार बंद होने के बाद बैंक किसी भी प्रकार की बैंकिंग गतिविधि नहीं कर सकेगा। यानी बैंक अब जमा स्वीकार नहीं करेगा, न ही ग्राहकों को भुगतान या अन्य बैंकिंग सेवाएं दे पाएगा। इसके साथ ही आरबीआई ने महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और सहकारी संस्थाओं के पंजीयक से बैंक को बंद करने और उसके लिए एक परिसमापक नियुक्त करने का अनुरोध किया है। परिसमापक बैंक की संपत्तियों और देनदारियों का हिसाब-किताब संभालेगा।

जमाकर्ताओं को डीआईसीजीसी से मिलेगा पैसा

आरबीआई ने कहा कि बैंक के जमाकर्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि उन्हें जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) के तहत बीमा कवर का लाभ मिलेगा। नियमों के अनुसार, प्रत्येक जमाकर्ता को अधिकतम पांच लाख रुपये तक की राशि वापस मिलेगी। केंद्रीय बैंक के मुताबिक, बैंक के लगभग 99.02 प्रतिशत जमाकर्ता ऐसे हैं जिन्हें उनकी पूरी जमा राशि वापस मिलने की पात्रता है। इससे ज्यादातर ग्राहकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अब तक 106.96 करोड़ रुपये का भुगतान

डीआईसीजीसी की ओर से 20 अप्रैल 2026 तक कुल 106.96 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। इसका मतलब है कि बड़ी संख्या में ग्राहकों को उनकी बीमित राशि पहले ही लौटाई जा चुकी है। बाकी पात्र जमाकर्ताओं को भी नियमों के अनुसार भुगतान किया जाएगा।

सहकारी बैंकों की निगरानी पर फिर उठे सवाल

इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति और उनकी निगरानी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटे सहकारी बैंकों में वित्तीय अनुशासन बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि ग्राहकों की मेहनत की कमाई सुरक्षित रह सके। आरबीआई लगातार ऐसे बैंकों पर नजर रखता है और नियमों का पालन नहीं करने पर सख्त कार्रवाई करता है।

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Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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