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Bajaj Housing Finance: दो दिन में 11% टूटा बजाज हाउसिंग फाइनेंस का शेयर, खरीदने, बेचने या होल्ड से पहले टार्गेट प्राइस जान लीजिए

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Sep 19, 2024, 01:45 PM IST

Bajaj Housing Finance Shares: बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में आई गिरावट और हाई वैल्यूएशन के बावजूद, एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी को बजाज ग्रुप की विरासत और समूह के अंदर हुए वेल्थ क्रिएशन, मैनेजमेंट की क्वालिटी के चलते स्टॉक को बहुत सपोर्ट मिला है।

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बजाज फाइनेंस शेयर।

Photo : Times Now Digital

Bajaj Housing Finance Shares: स्टॉक मार्केट में जोरदार लिस्टिंग के बाद बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में तेजी दर्ज की गई। हालांकि, अब यानी बुधवार को दो दिन की तेजी के बाद बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर की रफ्तार पर ब्रेक लग गई। बिकवाली के दबाव में पिछले 2 दिनों में यह स्टॉक 11 फीसदी की गिरावट के साथ बीएसई पर यह 161 रुपये के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि, जिन आईपीओ निवेशकों को इस इश्यू का अलॉटमेंट मिला है, वे अभी भी 130 फीसदी के मुनाफे में हैं।

210 रुपये का टार्गेट

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयरों में आई गिरावट और हाई वैल्यूएशन के बावजूद, एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी को बजाज ग्रुप की विरासत और समूह के अंदर हुए वेल्थ क्रिएशन, मैनेजमेंट की क्वालिटी के चलते स्टॉक को बहुत सपोर्ट मिला है। स्टॉक की लिस्टिंग के बाद, घरेलू ब्रोकरेज फर्म फिलिपकैपिटल ने भी 210 रुपये के टार्गेट प्राइस के साथ स्टॉक पर कवरेज शुरू कर दिया है।

कंपनी का कारोबार

ईटी के अनुसार, फिलिपकैपिटल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड अपने आप में एक अलग ही लीग में है, जिसका ध्यान कई होम लोन (HL) चाहने वालों के लिए स्वीट स्पॉट पर है और टिकट साइज 5 मिलियन रुपये का है। इस तरह यह भारत में होम-लोन के लगभग 65 फीसदी को एड्रेस करता है। यह लीज रेंटल डिस्काउंटिंग (LRD) पर तेजी से ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो एक हाई यील्ड वाला सेगमेंट है। इसे बड़े स्तर पर ऑपरेशनल लाभ प्राप्त होता है।

फ्री फ्लोट शेयर

कंपनी के 1.20 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप में से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध कुल फ्री फ्लोट शेयर कंपनी की इक्विटी का लगभग 12 फीसदी हिस्सा हैं। डीआर चोकसी फिनसर्व के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी ने कहा कि इससे पता चलता है कि बाजार में करीब 14,000-15,000 करोड़ रुपये का फ्लोटिंग स्टॉक मौजूद है। मुझे लगता है कि इससे ज्यादा बाजार में उपलब्ध नहीं हैं। इसके खिलाफ हर एक फंड शायद पोर्टफोलियो में खरीदारी करना चाहता है।

कंपनी की ग्रोथ दर

चोकसी ने बताया कि कंपनी लगभग 30 फीसदी के कंपाउंड रेट से बढ़ रही है। इसका मतलब है कि भले ही आज शेयर बुक वैल्यू को 7-7.5 गुना पर कोट किया जा रहा हो। लेकिन 30 फीसदी की ग्रोथ रेट पर, अगर कोई तीन साल आगे इसका औसत निकाले, तो यह मूल रूप से लगभग 3.5 गुना वैल्यू पर है। चोकसी ने कहा कि इसलिए साफ तौर पर उस नजरिए से जब आप इस कंपनी की तुलना दूसरों से करते हैं, तो यह तीन साल आगे बुक वैल्यू के 3.5 गुना वैल्यू पर भी थोड़ी अधिक महंगी लग सकता है। लेकिन फिर भी बिजनेस मॉडल में पोर्टफोलियो की विविधता को देखते हुए, यह कंपनी आश्वासन देती है कि वे लगभग 30 फीसदी कंपाउंड ग्रोथ रेट पर बढ़ रहे हैं। इसलिए वे हमेशा प्रीमियम पर कारोबार करने जा रहे हैं।

खरीदने का सही समय

इन तथ्यों को देखते हुए देवेन चौकसे का मानना है कि अगर बाजार किसी गिरावट के निचले स्तर पर स्टॉक खरीदने का अवसर देता है, तो पोर्टफोलियो में खरीदारी करने का यह सही समय होगा। क्योंकि यह महंगा है, लेकिन वह पोर्टफोलियो में अच्छी क्वालिटी वाले स्टॉक के लिए थोड़े प्रीमियम पर खरीदने की सलाह देते हैं।

होल्ड करें और खरीदें

स्पार्क प्राइवेट वेल्थ के देवांग मेहता ने कहा कि इस कंपनी के पास एक बहुत बड़ा डेटाबेस और मुझे लगता है कि निवेशकों का भरोसा और साथ ही कम्युनिटी का भरोसा जो इससे उधार लेता है, वह भी कुछ ऐसा है जो मदद करेगा। मेहता ने सलाह दी कि शेयर को उन लोगों को होल्ड करना चाहिए जिन्हें अलॉट हुआ है और जो खरीदना चाहते हैं, उनके लिए यह (गिरावट) एक बेहतरीन कंपनी के लिए एक अच्छा अवसर है। बजाज हाउसिंग फाइनेंस के शेयर सुबह 11 बजे बीएसई पर 6.3 फीसदी की गिरावट के साथ 162.70 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।

डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर शेयर के रिटर्न की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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