किसानों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने बढ़ाई इस योजना की तारीख, ये हैं इसके फायदे

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 8, 2022, 10:27 AM IST

Pradhan Mantri Kisan Sampada Yojana: खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने ट्विटर पर जानकारी दी कि प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना को अब 2021-22 से 2025-26 तक बढ़ा दिया गया है। आइए जानते हैं इस योजना की खासियत।

किसानों के लिए बड़ी खबर, सरकार ने बढ़ाई इस योजना की तारीख, ये हैं इसके फायदे

Pradhan Mantri Kisan Sampada Yojana: देश के अन्नदाताओं की सहायता के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं (Government Scheme) चलाती है। इन्हीं योजनाओं में से एक है प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना (Pradhan Mantri Kisan Sampada Yojana, PMKSY), जिसे सरकार ने 31 मार्च 2026 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। 4,600 करोड़ रुपये के आवंटन के साथ खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय ने प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना को 2021-22 से बढ़ाकर 2025-26 तक जारी रखने का ऐलान किया है। 

क्या है प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना?
इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य एक व्यापक पैकेज की पेशकश करना है जो फार्म गेट से रिटेल आउटलेट तक कुशल सप्लाई चेन प्रबंधन के साथ आधुनिक बुनियादी ढांचे के निर्माण में योगदान देगी। यह योजना भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है। यह भी उम्मीद है कि पीएमकेएसवाई किसानों को बेहतर मूल्य प्रदान करने में मदद करेगी, जिससे रोजगार भी पैदा होगा।

सरकार ने आवंटित किए 4,600 करोड़ रुपये 
इस योजना की परिकल्पना कृषि उपज की बर्बादी को कम करने, प्रोसेसिंग लेवल को बढ़ाने से प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए की गई है। केंद्र सरकार ने योजना के लिए 4,600 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।

ये है योजना की खासियत
एकीकृत कोल्ड चेन और मूल्य वर्धन इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि-प्रसंस्करण समूहों के लिए बुनियादी ढांचे का निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण और संरक्षण क्षमताओं का निर्माण या विस्तार, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता आश्वासन बुनियादी ढांचा और मानव संसाधन और संस्थान- अनुसंधान और विकास योजना के व्यापक परिव्यय हैं।

11.095 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद
प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना से 11.095 करोड़ रुपये के निवेश को आकर्षित करने की उम्मीद है। इससे 28,49,945 किसानों को लाभ हो सकते हैं और वित्तीय वर्ष 2025-2026 तक देश में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 5,44,432 रोजगार पैदा कर सकते हैं।

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