नई दिल्ली। बात चाहे खाने के तेल (Edible Oil) की हो या पेट्रोल व डीजल (Petrol and Diesel) की, उच्च कीमतों की वजह से ये तेल हमेशा ही सुर्खियों में रहते हैं। अब जनता को खाने के तेल की उच्च कीमत से थोड़ी राहत मिली है। खाद्य सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के सचिव सुधांशु पांडे ने बुधवार को कहा कि अंतरराष्ट्रीय कीमत में कमी के साथ ही सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की वजह से रिटेल बाजार में खाने के तेल की कीमत में कमी आने लगी है।
इतनी कम हुई एक लीटर तेल की कीमत
प्रमुख खाद्य तेल कंपनियों ने एक लीटर तेल की कीमत 10 रुपये से 15 रुपये कम कर दी है। रूस और यूक्रेन संकट के मद्देनजर सरकार ने कीमत को नियंत्रित करने के लिए समय पर कदम उठाया है। पिछले हफ्ते अडानी विल्मर और मदर डेयरी ने कई तरह के खाद्य तेलों के एमआरपी में 10 से 15 रुपये प्रति लीटर की कमी की। दोनों प्रमुख कंपनियों के नए एमआरपी वाला स्टॉक जल्द ही बाजार में आएगा। 1 हफ्ते में वनस्पति, सोयाबीन तेल, सनफ्लावर तेल और आरबीडी पामोलीन की होलसेल कीमत और रिटेल कीमत में कमी आई है।
और कम हो सकती है कीमत
मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि खाद्य तेल की कीमत में गिरावट का रुझान दिखने लगा है और इसमें और गिरावट आने की संभावना है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून की शुरुआत से पूरे देश में मूंगफली के तेल के अलावा डिब्बाबंद खाद्य के तेल की औसत रिटेल कीमतों में थोड़ी कमी आई है। यह 150 से 190 रुपये प्रति लीटर के बीच बनी हुई है।
इतनी हुई फॉर्च्यून के तेल की कीमत
सूत्रों के मुताबिक 1 लीटर फॉर्च्यून रिफाइंड सनफ्लावर ऑयल (Fortune Refined Sunflower Oil) का एमआरपी 220 रुपये से कम होकर 210 रुपये कर दिया गया है। 1 लीटर सोयाबीन (फॉर्च्यून) और कच्ची घानी तेल का एमआरपी 205 रुपये से कम होकर 195 रुपये हो गया है।

