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होर्मुज बंदी के बीच भारत ने वेनेजुएला में पलटा खेल, चीन की जगह बना सबसे बड़ा क्रूड खरीदार

पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज का बंद होना व वेनेजुएला से चीन के क्रूड आयात में कमी भारत लिए जैकपॉट साबित हुआ है। भारत ने कूटनीतिक जलवा दिखाते हुए रूस के बाद वेनेजुएला से सस्ते क्रूड का आयात शुरू कर दिया है।

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वेनेजुएला से भारत ने बढ़ाया क्रूड का आयात

Hormuz Closures India Crude Import Strategy: अमेरिका-इजरायल की तरफ से हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर लिया। इसकी वजह से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। वेनेजुएला के क्रूड बिजनेस पर अमेरिकी वर्चस्व के बाद चीन का आयात घट गया है। ऐसे में भारत ने मौके का फायदा उठाते हुए सस्ता क्रूड आयात करना शुरू कर दिया है। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 में भारतीय कंपनियों ने 3.43 लाख बैरल प्रतिदिन क्रूड खरीदा।

यह पूरा घटनाक्रम दिखाता है कि वैश्विक तेल बाजार में पावर बैलेंस बदल रहा है। चीन की पकड़ कमजोर हो रही है, भारत तेजी से एक बड़े खरीदार के रूप में उभर रहा है और अमेरिका अप्रत्यक्ष रूप से सप्लाई चैन को प्रभावित कर रहा है। आने वाले समय में भारत की भूमिका और मजबूत हो सकती है।

चीन के पीछे हटते ही भारत की एंट्री

वेनेजुएला के तेल बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जहां पहले चीन सबसे बड़ा खरीदार था, वहीं अब उसकी खरीद लगभग शून्य हो गई है। अमेरिकी नियंत्रण और शिपमेंट रिस्क के चलते चीन ने कदम पीछे खींचे हैं। इस खाली जगह को भारत ने तेजी से भरा है, जिससे वह प्रमुख आयातक बनकर उभरा है। मार्च में वेनेजुएला का कुल तेल निर्यात करीब 8.9 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया, जो दिसंबर 2019 के बाद सबसे ऊंचा स्तर है। फरवरी के मुकाबले इसमें मजबूत बढ़त दर्ज की गई है। यह उछाल इस बात का संकेत है कि उत्पादन और निर्यात दोनों में स्थिर सुधार हो रहा है।

कौन सी भारतीय कंपनियां खरीद रहीं

भारत की कंपनियों ने मार्च में करीब 3.43 लाख बैरल प्रतिदिन वेनेजुएला का क्रूड खरीदा। इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी प्रमुख रिफाइनिंग कंपनियां शामिल हैं। खास बात यह रही कि भारत को जाने वाला शिपमेंट चार गुना तक बढ़ गया और अमेरिका से भी आगे निकल गया।

कितने डिस्काउंट पर खरीद रहे तेल

वेनेजुएला का भारी क्रूड डिस्काउंट पर मिलता है, जिससे भारतीय रिफाइनर्स के मार्जिन बेहतर होते हैं। साथ ही यह सप्लाई भारत को रूस पर निर्भरता कम करने और मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच जोखिम संतुलन बनाने का मौका देती है। यह कदम ऊर्जा सुरक्षा की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। रॉयटर्स और ब्लूमबर्ग सहित अलग-अगल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत फिलहाल वेनेजुएला से ब्रेंट क्रूड के मुकाबले करीब $6.5–$7 प्रति बैरल के डिस्काउंट पर क्रूड खरीद रहा है। आगे चलकर यह डिस्काउंट $10–$12 प्रति बैरल तक पहुंच सकता है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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