Aug 23, 2026

अंतरिक्ष में रोए तो क्या होगा? कभी सोचा है आपने, अगर नहीं तो आज जान लें इसका जवाब

Pankaj Yadav

​​अंतरिक्ष में रोए तो क्या होगा? ​

धरती पर जब हम रोते हैं तो आंसू आंखों से निकलकर नीचे गिर जाते हैं। लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा नहीं होता। वहां गुरुत्वाकर्षण बहुत कम होने के कारण आंसू नीचे नहीं गिरते, बल्कि आंखों के आसपास ही जमा होने लगते हैं।

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​आंसू आंखों के पास ही रहेंगे​

अंतरिक्ष में रोने पर आंसू चेहरे से नीचे बहने के बजाय आंखों के आसपास छोटी-छोटी बूंदों के रूप में जमा हो सकते हैं। धीरे-धीरे ये बूंदें आपस में मिलकर एक बड़ी बूंद बना सकती हैं।

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​आंसू गेंद जैसे दिख सकते हैं​

माइक्रोग्रैविटी में पानी की बूंदें अलग तरह से व्यवहार करती हैं। इसलिए आंख से निकलने वाले आंसू चेहरे पर बहने के बजाय गोल आकार की बूंद बना सकते हैं और आंख के आसपास चिपके रह सकते हैं।

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​रुमाल से आंसू पोंछने पड़ते हैं​

अंतरिक्ष यात्री धरती की तरह आंसुओं को नीचे गिरने नहीं दे सकते। उन्हें कपड़े या टिश्यू की मदद से आंखों और चेहरे के आसपास जमा आंसुओं को साफ करना पड़ता है।

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​पानी हवा में तैर सकता है​

अंतरिक्ष स्टेशन के अंदर पानी की बूंदें हवा में तैरती नजर आ सकती हैं। यही वजह है कि आंसू भी नीचे गिरने के बजाय चेहरे या आंखों के पास ही बने रह सकते हैं।

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​आंसू तुरंत गायब नहीं होते​

अंतरिक्ष में आंसू जमीन पर गिरकर बह नहीं जाते। वे आंखों के आसपास जमा रह सकते हैं। अगर उन्हें साफ न किया जाए तो बड़ी बूंद बन सकती है और देखने में भी परेशानी हो सकती है।

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​अंतरिक्ष में रोना खतरनाक क्यों हो सकता है?​

रोना अपने आप में कोई बड़ी समस्या नहीं है। लेकिन आंखों के पास जमा पानी परेशानी पैदा कर सकता है। खासकर अगर आंसू आंखों के आसपास ज्यादा जमा हो जाएं, तो अंतरिक्ष यात्री को परेशानी महसूस हो सकती है।

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​अंतरिक्ष में भावनाएं भी होती हैं​

अंतरिक्ष यात्री भी इंसान हैं और उन्हें खुशी, दुख या तनाव महसूस होता है। अंतरिक्ष में रोना बिल्कुल संभव है। फर्क सिर्फ इतना है कि कम गुरुत्वाकर्षण के कारण आंसू धरती की तरह नीचे नहीं बहते।

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​धरती और अंतरिक्ष में बड़ा फर्क​

धरती पर गुरुत्वाकर्षण आंसुओं को नीचे खींचता है, इसलिए वे गालों पर बहते हैं। अंतरिक्ष में माइक्रोग्रैविटी के कारण ऐसा नहीं होता। यही छोटी-सी चीज दिखाती है कि अंतरिक्ष में रोजमर्रा की सामान्य चीजें भी कितनी अलग हो जाती हैं।

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