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Gold Buying Tips: अक्षय तृतीया पर सोना खरीदते समय न करें ये गलतियां, मेकिंग चार्ज समेत 5 जरूरी बातें जरूर जानें

Gold buying tips: अक्षय तृतीया पर सोना शुभ माना जाता है और लोग खूब खरीदारी करते हैं, लेकिन मेकिंग चार्ज समेत 5 जरूरी बातों को नजरअंदाज करने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है।

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सोना का ताजा भाव जानिए (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Gold buying tips : अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya) को हिंदू धर्म में बेहद शुभ माना जाता है। इस मौके पर सोना खरीदना समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, इसलिए देशभर में लोग इस अवसर पर जमकर सोने की खरीदारी करते हैं। ज्वैलर्स भी इस मौके पर आकर्षक ऑफर्स और नए डिजाइनों की रेंज पेश करते हैं। लेकिन उत्साह में कई बार लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो आगे चलकर आर्थिक नुकसान का कारण बनती हैं। इसलिए सोना खरीदते समय मेकिंग चार्ज समेत 5 जरूरी बातों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। आइए विस्तार से समझते हैं।

मेकिंग चार्ज को नजरअंदाज न करें

सोना खरीदते समय सबसे बड़ी गलती होती है मेकिंग चार्ज पर ध्यान न देना। कई ज्वैलरी शोरूम कम रेट का विज्ञापन करते हैं, लेकिन मेकिंग चार्ज जोड़ देते हैं। जो फिक्स नहीं होता है, कहीं कम तो ज्यादा होता है। डिजाइन जितना बेहतरीन होगा, चार्ज उतना ही अधिक होगा। इसलिए हमेशा कुल कीमत (सोना + मेकिंग चार्ज + GST) की तुलना करें, न कि सिर्फ प्रति ग्राम रेट की।

हॉलमार्क जरूर जांचें

सोने की शुद्धता का सबसे बड़ा प्रमाण हॉलमार्क होता है। बिना हॉलमार्क वाली ज्वैलरी खरीदना जोखिम भरा हो सकता है। BIS हॉलमार्क यह सुनिश्चित करता है कि सोना कितने कैरेट का है, जैसे 22K,18K, 14K। कई बार लोग ऑफर के चक्कर में बिना हॉलमार्क वाले गहने खरीद लेते हैं, जो बाद में रीसेल वैल्यू में नुकसान देता है।

कैरेट की सही समझ रखें

सोना खरीदते समय 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के अंतर को समझना जरूरी है। 24 कैरेट सबसे शुद्ध होता है, लेकिन इससे ज्वैलरी नहीं बनती, जबकि 22 कैरेट आमतौर पर गहनों के लिए उपयोग किया जाता है। कई दुकानदार 18 कैरेट को 22 कैरेट बताकर बेच देते हैं, इसलिए कैरेट की जांच बिल और हॉलमार्क दोनों में करें।

बिल और रिटर्न पॉलिसी जरूर लें

कई ग्राहक सिर्फ ज्वेलरी लेकर घर आ जाते हैं, लेकिन पक्का बिल नहीं लेते या रिटर्न पॉलिसी नहीं पूछते। भविष्य में एक्सचेंज या रीसेल के समय यह बड़ी समस्या बन सकती है। हर खरीदारी पर विस्तृत बिल लें जिसमें सोने का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और टैक्स साफ-साफ लिखा हो।

निवेश के उद्देश्य को समझें

अक्षय तृतीया पर लोग अक्सर भावनात्मक रूप से सोना खरीद लेते हैं, लेकिन इसे निवेश की तरह देखना जरूरी है। अगर उद्देश्य निवेश है तो गोल्ड कॉइन, गोल्ड ETF या डिजिटल गोल्ड जैसे विकल्प भी देखें, जहां मेकिंग चार्ज नहीं लगता। ज्वैलरी खरीदना भावनात्मक और उपयोग के लिए सही है, लेकिन रिटर्न के लिहाज से हर बार सबसे बेहतर विकल्प नहीं होता।

अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है, लेकिन सही जानकारी के बिना किया गया निवेश नुकसान भी दे सकता है। मेकिंग चार्ज, हॉलमार्क, कैरेट, बिल और निवेश के उद्देश्य इन 5 बातों का ध्यान रखकर आप न सिर्फ शुभ खरीदारी कर सकते हैं बल्कि समझदारी से अपना पैसा भी सुरक्षित रख सकते हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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