अटलांटा: लियोनल मेसी की कप्तानी वाली डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना ने अटलांटा में खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड को 2-1 के अंतर से मात देकर लगातार दूसरी बार फाइनल में एंट्री कर ली है। जहां उसकी खिताब के लिए 2010 की चैंपियन स्पेन से भिड़ंत होगी। मैच के 84वें मिनट तक अर्जेंटीना 0-1 से पीछे था। टूर्नामेंट में तीसरी बार आखिरी क्षणों में मेसी की टीम ने शानदार वापसी की और इस बार इंग्लैंड को पटखनी देकर फाइनल में एंट्री कर ली। अर्जेंटीना की टीम सातवीं बार फीफा विश्व कप के फाइनल में पहुंची है। जहां उसकी कोशिश लगातार दूसरी और कुल चौथी हार खिताब अपने नाम करने पर होगी। अर्जेंटीना 1978, 1986 और 2022 में वर्ल्ड चैंपियन बन चुका है। मेसी की अगुआई में टीम की कोशिश जर्सी पर चौथा स्टार लगाने की होगी। इसके लिए उसे 2010 की चैंपियन स्पेन को मात देना होगा जो फ्रांस को 2-0 के अंतर से पटखनी देकर फाइनल में पहुंची है।
85वें मिनट में अर्जेंटीना ने की शानदार वापसी
मेसी के शानदार पास पर 85वें मिनट में एंजो फर्नांडेज ने शानदार गोल करके अर्जेंटीना को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। इसके बाद एक्स्ट्राटाइम में एक बार फिर अर्जेंटीना के लिए निर्णायक गोल सब्स्टीयूट के रूप में एंट्री करने वाले लोटारो मार्टिनेज ने किया। 90 मिनट पूरे होने पर स्कोर 1-1 से बराबर था। 9 मिनट के एक्सट्रा टाइम के दूसरे ही मिनट में लोटारो मार्टिनेज ने शानदार हेडर पर गोल कर दिया। इंग्लैंड के लिए मैच में एकलौता गोल एंटोनी गॉर्डन ने 55वें मिनट में किया और इंग्लैंड के फाइनल में पहुंचने के अरमानों को जिंदा कर दिया। इसके बाद अर्जेंटीना ने वापसी की पुरजोर कोशिश की लगातार हमले करती रही और इसका फायदा उसे मैच के आखिरी मिनटों में मिला। इंग्लैंड के लिए बढ़त बनाने के बाद डिफेंसिव रुख अपनाना भारी पड़ गया। अर्जेंटीना ने दोनों गोल मेसी के असिस्टेंस पर किए।
फर्स्ट हॉफ रहा 0-0 से बराबर
फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में दोनों टीमों ने तेज शुरुआत की और पहले फर्स्ट हॉफ में आक्रामक रुख बरकरार रखा। पहले हाइड्रेशन ब्रेक के बाद दोनों ही टीमों के खेल में और तेजी आई और दोनों ने दूसरे के गोल पोस्ट पर हमला करने की पुरजोर कोशिश की लेकिन गोल करने में कोई भी कामयाब नहीं हुई। इंग्लैंड के कप्तान हैरी केन तक अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने शुरुआत में गेंद नहीं पहुंचने दी। ऐसे में जूड बैलिंगघम ने मोर्चा संभाला। मैच के 32वें मिनट में जूड बेलिंगहम फाउल हासिल करने में सफल रहे। इसके बाद राइस की किक पर जॉन स्टोन्स गेंद को अर्जेंटीना के गोल पोस्ट पर हेडर के जरिए पहुंचाने में नाकाम रहे। 35वें मिनट में बेलिंगघम को एक और फाउल मिला लेकिन ये मौका भी खाली गया।
इसके बाद मेसी को फाउल मिला लेकिन वो भी इस मौके को गोल में तब्दील करने में नाकाम रहे। मैच के फर्स्ट हॉफ में दोनों टीमों ने शारीरिक रूप से पूरा दम खम लगाया लेकिन दोनों में कोई भी टीम गोल नहीं कर पाई और फर्स्ट हॉफ का अंत 0-0 की बराबरी के साथ हुआ। फर्स्ट हॉफ में इंग्लैंड ने 7 और अर्जेंटीना ने 12 फाउल किए। दोनों टीमों के खाते में एक-एक यलो कार्ड गए। इंग्लैंड के इलियट एंडरसन और अर्जेंटीना के लिजांड्रो मार्टीनेज को यलो कॉर्ड रेफरी ने फर्स्ट हॉफ में दिखाया। इंग्लैंड गोल करने का एक अच्छा मौका बना सकी जबकि अर्जेंटीना को ऐसे दो मौके मिले।
55वें मिनट में इंग्लैंड को गॉर्डन ने दिलाई बढ़त
सेकेंड हॉफ की शुरुआत में अर्जेंटीना के जूलियन अल्वारेज ने हाथ आए शानदार मौके को गोल में तब्दील नहीं कर सके। लेकिन एंथनी गॉर्डन ने 55वें मिनट में मोर्गन रोजर्स के शानदार क्रॉस पर गोल करके इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी। सिमियोने के दो मिनट बाद ही अर्जेंटीना को बराबरी पर लाने के मौके पर स्पेंस(Djed Spence) ने शानदार तरीके से पानी फेर दिया। लेकिन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड के गोल पोस्ट पर हमले करने जारी रखा। 69वें मिनट में मेसी कॉर्नर किक पर हेडर के जरिए नीको गोंजालेज (Nico GONZALEZ) ने शानदार हेडर निशाने पर लगाया लेकिन इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफर्ड ने शानदार बचाव करके इंग्लैंड की 1-0 की बढ़त को बनाए रखा।
इंग्लिश गोलकीपर ने किए दो बचाव, एंजो ने कराई बराबरी
75वें मिनट में जॉर्डन पिकफर्ड ने एक और शानदार बचाव करके अर्जेंटीना को बराबरी करने से रोक दिया। लेकिन 85वें मिनट में मेसी के दिए पास पर एंजो फर्नांडीज ने नेट के सामने से गोल करके अर्जेंटीना को 1-1 की बराबरी पर ला दिया। 90वें मिनट के बा लोटारो मार्टीनेज ने शानदार हेडर के जरिए गोल करके अर्जेंटीना को 2-1 की बढ़त दिला दी। मेसी का यह विश्व कप इतिहास का 12वां और मैच का दूसरा असिस्ट था। यही गोल अंत में निर्णायक साबित हुआ। अर्जेंटीना ने लगातार दूसरी बार फीफा विश्व कप के फाइनल में एंट्री कर ली है।
