आम निवेशकों के बीच पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) भारत की सबसे लोकप्रिय लॉन्ग-टर्म सेविंग स्कीम में से एक है। बहुत सारे लोग इसमें अपने बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए निवेश करते हैं। पीपीएफ में निवेश का सबसे बड़ा फायदा है कि पूरा इनकम टैक्स-फ्री होता है। लेकिन एक सवाल अक्सर निवेशकों को उलझन में डाल देता है कि क्या PPF की ब्याज दर पूरे 15 साल के समय के लिए तय रहती है? बता दें कि पीपीएफ की ब्याज दर लॉक नहीं रहती है। PPF की ब्याज दर 15 साल के निवेश के समय के दौरान कई बार बदल सकती है।
PPF पर ब्याज की गणना कैसे की जाती है?
पीपीएफ में जमा रकम पर ब्याज साल में एक बार जमा किया जाता है, लेकिन इसकी गणना हर महीने होती है। इसकी गणना हर महीने के पांचवें दिन के आखिर और महीने के आखिरी दिन के बीच आपके खाते में मौजूद सबसे कम बैलेंस के आधार पर की जाती है। इसका मतलब है कि आपके पैसे जमा करने का समय, आपको मिलने वाले ब्याज पर काफी असर डाल सकता है।
इस तरह आप बेहतर रिटर्न पा सकते हैं—
पर्सनल फाइनेंस एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर आप अपने पीपीएफ पर बेहतर रिटर्न चाहते हैं तो सबसे आसान तरीका है कि आप हर महीने की 5 तारीख से पहले अपना पैसा जमा करें।
उदाहरण के लिए, अगर आप जुलाई में ₹10,000 निवेश करने की योजना बना रहे हैं, तो इसे 4 जुलाई को जमा करने से यह पक्का हो जाता है कि उस रकम पर पूरे महीने का ब्याज मिले। अगर आप इसे 10 जुलाई को जमा करते हैं, तो उस पर जुलाई का ब्याज नहीं मिलेगा और ब्याज अगस्त से ही मिलना शुरू होगा। अगर आप ₹1.5 लाख की पूरी सालाना सीमा का निवेश करते हैं, तो फाइनेंशियल प्लानर आम तौर पर सलाह देते हैं कि वित्तीय वर्ष की शुरुआत में 5 अप्रैल से पहले पूरी रकम जमा कर दी जाए। इससे पैसे पर पूरे 12 महीने का ब्याज मिलता है।
इन बातों का भी रखें ख्याल
जानकारों का कहना है कि अगर एकमुश्त इन्वेस्टमेंट करना मुमकिन नहीं है, तो कोशिश करें कि आपका मंथली कंट्रीब्यूशन हर महीने की पांच तारीख से पहले क्रेडिट हो जाए। अगर आप जल्दी इन्वेस्ट करते हैं, तो भी आपके पैसे पर अभी का PPF रेट ही मिलेगा, न कि वह रेट जो आपने डिपॉजिट करते समय दिया था। उदाहरण के लिए, अगर सरकार आने वाली तिमाही में रेट को ऊपर या नीचे करती है, तो आपके अकाउंट पर उस समय से अपने आप बदले हुए रेट पर इंटरेस्ट मिलेगा।
