अडानी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) का कुल कार्गो वॉल्यूम दिसंबर 2024 में 8 प्रतिशत बढ़कर 38.4 मिलियन मीट्रिक टन हो गया है। इस वृद्धि के साथ, कंपनी ने एक नई उपलब्धि हासिल की है, और इसके कंटेनर व गैस वॉल्यूम में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है।
कंटेनर व गैस वॉल्यूम में वृद्धि
पिछले महीने, कंपनी के कंटेनर वॉल्यूम में 22 प्रतिशत और गैस वॉल्यूम में 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। एपीएसईजेड, जो भारत की सबसे बड़ी निजी पोर्ट ऑपरेटर कंपनी है, ने यह वृद्धि साबित की है कि भारतीय पोर्ट क्षेत्र में अडानी पोर्ट्स का दबदबा लगातार बढ़ रहा है।
नवंबर में भी हुई वृद्धि
अडानी पोर्ट्स ने नवंबर 2024 में 36 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो हैंडल किया था, जो कि मासिक आधार पर 6.6 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है। यह वृद्धि अधिक कंटेनर वॉल्यूम की वजह से संभव हो पाई थी।
'मेक इन इंडिया' पहल में बड़ा योगदान
अडानी पोर्ट्स ने हाल ही में कोचीन शिपयार्ड को आठ अत्याधुनिक हार्बर टग के लिए ऑर्डर दिया था। इस ऑर्डर की अनुमानित कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 450 करोड़ रुपये है। यह ऑर्डर 'मेक इन इंडिया' योजना के तहत अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर माना जा रहा है।
अडानी पोर्ट्स के CEO और पूर्ण-कालिक निदेशक, अश्विनी गुप्ता ने कहा, "हम विश्व स्तर की स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग का लाभ उठाकर 'मेक इन इंडिया' पहल में अपना योगदान देना चाहते हैं। हम यह सुनिश्चित करते हैं कि हमारे संचालन में सुरक्षा और दक्षता अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हों।"
विझिंजम पोर्ट की सफलता
अडानी ग्रुप द्वारा संचालित विझिंजम पोर्ट ने दिसंबर के अंत में अपना 100वां वाणिज्यिक जहाज 'एमएससी मिशेला' का स्वागत किया। यह उपलब्धि ऑपरेशन शुरू होने के महज छह महीने बाद प्राप्त हुई है। विझिंजम पोर्ट केरल के कोवलम बीच के पास स्थित है और यह पहला ट्रांसशिपमेंट पोर्ट है, जिसे एपीएसईजेड और केरल सरकार ने मिलकर विकसित किया है।
--आईएएनएस इनपुट के साथ
