Panic Button And Vehicle Tracking Device Mandatory: यात्रियों की सहूलियत और सुरक्षा के हिसाब से सभी पब्लिक वाहनों में 31 जनवरी 2023 से व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है. पब्लिक सर्विस वाहनों के अलावा नेशनल परमिट हासिल किए सभी वाहनों के लिए भी नियम अनिवार्य कर दिया गया है. बता दें कि चंडीगढ़ में यूटी एडमिनिस्ट्रेशन ने बुधवार को ये आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि इन सभी वाहनों में जनवरी के अंत से पहले ही दोनों चीजें लगवा लें, नए वाहनों के साथ रजिस्ट्रेशन के समय ही ये काम पूरा कर लिया जाना चाहिए.
यात्रियों की सुरक्षा है जरूरी
सभी पब्लिक सर्विस वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाने का लक्ष्य यात्रियों की सुरक्षा है, खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के लिए. वाहन को ट्रैक करने में इससे मदद मिलेगी और जगह पर पहुंचने के लिए जिस रास्ते पर चला जा रहा है इसकी जानकारी भी मिलने वाली है. यहां स्पीड से लेकर रैश ड्राइविंग और नियमों के उल्लंघन का पता भी लगेगा.
नितिन गडकरी ने दिए आदेश
चंडीगढ़ यूनियन टैरेटरी एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा ये नियम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद लागू होने वाला है. मोटर वाहन एक्ट 1989 के नियम 90, नियम 125 और नियम 129 में बदलाव के बाद इसे लागू किया गया है. राज्य परिवहन प्राधिकरण ने वाहन लोकेशन ट्रैकिंग और इमरजेंसी अलर्ट का पब्लिक वाहनों में लगाने का कार्य 30 जून 2022 से शुरू कर दिया था. अब तक 35 फीसदी बसों में वीएलटी और ईए लगाया जा चुका है.
