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31 जनवरी से सभी पब्लिक वाहनों में अनिवार्य होने वाला है पैनिक बटन और ट्रैकिंग डिवाइस

  • Authored by: अंशुमन साकल्ले
  • Updated Dec 29, 2022, 11:46 AM IST

यात्रियों की सुरक्षा के लिए सभी पब्लिक वाहनों में 31 जनवरी 2023 से पैनिक बटन और वाहन ट्रैकिंग डिवाइस को अनिवार्य कर दिया गया है. ये फैसला सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद लिया गया है.

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पब्लिक वाहनों में 31 जनवरी 2023 से व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है.

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • 31 जनवरी से लागू होगा नया नियम
  • पैनिक बटन, ट्रैकिंग डिवाइस अनिवार्य
  • सभी पब्लिक वाहन होंगे ज्यादा सेफ

Panic Button And Vehicle Tracking Device Mandatory: यात्रियों की सहूलियत और सुरक्षा के हिसाब से सभी पब्लिक वाहनों में 31 जनवरी 2023 से व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन अनिवार्य कर दिया गया है. पब्लिक सर्विस वाहनों के अलावा नेशनल परमिट हासिल किए सभी वाहनों के लिए भी नियम अनिवार्य कर दिया गया है. बता दें कि चंडीगढ़ में यूटी एडमिनिस्ट्रेशन ने बुधवार को ये आदेश जारी किया है जिसमें कहा गया है कि इन सभी वाहनों में जनवरी के अंत से पहले ही दोनों चीजें लगवा लें, नए वाहनों के साथ रजिस्ट्रेशन के समय ही ये काम पूरा कर लिया जाना चाहिए.

यात्रियों की सुरक्षा है जरूरी

सभी पब्लिक सर्विस वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाने का लक्ष्य यात्रियों की सुरक्षा है, खासतौर पर महिलाओं और बच्चों के लिए. वाहन को ट्रैक करने में इससे मदद मिलेगी और जगह पर पहुंचने के लिए जिस रास्ते पर चला जा रहा है इसकी जानकारी भी मिलने वाली है. यहां स्पीड से लेकर रैश ड्राइविंग और नियमों के उल्लंघन का पता भी लगेगा.

नितिन गडकरी ने दिए आदेश

चंडीगढ़ यूनियन टैरेटरी एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा ये नियम सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद लागू होने वाला है. मोटर वाहन एक्ट 1989 के नियम 90, नियम 125 और नियम 129 में बदलाव के बाद इसे लागू किया गया है. राज्य परिवहन प्राधिकरण ने वाहन लोकेशन ट्रैकिंग और इमरजेंसी अलर्ट का पब्लिक वाहनों में लगाने का कार्य 30 जून 2022 से शुरू कर दिया था. अब तक 35 फीसदी बसों में वीएलटी और ईए लगाया जा चुका है.

अंशुमन साकल्ले
अंशुमन साकल्लेauthor

अंशुमन साकल्ले जून 2022 से टाइम्स नाउ नवभारत (www.timesnowhindi.com/) में बतौर सीनियर स्पेशल करेस्पॉन्डेंट कार्यरत हैं। ये ईएमएमसी, दैनिक भास्कर, एनडीटीवी और जी न्यूज डिजिटल में काम करने के बाद संस्थान से जुड़े। इन्हें सभी मुख्य बीट्स पर काम करने का अनुभव है और ये 12 वर्ष से भी ज्यादा इसी पेशे में गुजार चुके हैं। एक्सपर्टीज की बात करें तो ऑटो और टेक से जुड़ी तमाम खबरों का जिम्मा यही संभाल रहे हैं। ऑन ग्राउंड रिपोर्ट हो या वीडियो या फिर गाड़ियों का रिव्यू, ये हमेशा अलग-अलग एंगल से खबरों को रोचक बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ते। भोपाल के रहने वाले अंशुमन बड़े घुमक्कड़ हैं और ये देश की लगभग सभी प्रचलित जगहों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कर चुके हैं। एनडीटीवी से लेकर अब तक इन्होंने सिर्फ ऑटोमोबाइल जगत से जुड़ी खबरों पर ही काम किया है, हालांकि कोर बीट से इतर चुनाव, बजट या किसी भी बडे इवेंट पर इन्हें बड़ी और महत्वपूर्ण खबरों की जिम्मेदारी भी दी जाती है। इन सबके अलावा राजनीति में भी इन्हें खासी दिलचस्पी है, यही वजह है कि मध्यप्रदेश की पॉलिटिक्स को ये बहुत गहराई से जानते हैं।

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