Maruti Suzuki WagonR And Alto K10 Global NCAP Crash Test: सेफर कार्स फॉर इंडिया प्रोग्राम के तहत हाल में गाड़ियों की सुरक्षा को जांचने वाली एजेंसी ग्लोबल एनकैप ने हाल में 2 कारों का क्रैश टेस्ट किया है। ये दोनों मारुति सुजुकी की वैगनआर और ऑल्टो के10 हैं जो भारत में खूब बिकती हैं। बता दें कि इन दोनों कारों का प्रदर्शन क्रैश टेस्ट में काफी निराशाजनक रहा है और इन्हें बहुत खराब रेटिंग मिली है। जहां वैगनआर को वयस्कों की सुरक्षा के लिए सिर्फ 1 स्टार मिला है, वहीं बच्चों के लिए इसे शून्य (0) रेटिंग दी गई है। इसके बाद ऑल्टो के10 को वयस्कों की सेफ्टी के लिए 2 स्टार और चाइल्ड सेफ्टी के लिए जीरो (0) स्टार रेटिंग मिली है।
बालिग व्यक्ति की छाती से सिर तक चोट
ग्लोबल एनसीएपी किसी वाहन को उनकी सुरक्षा खूबियों के आधार पर शून्य से पांच तक की रेटिंग देता है। ऊंची रेटिंग वाले वाहनों को लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है। ग्लोबल एनसीएपी के नवीनतम परीक्षण के अनुसार, ऑल्टो के10 ने सामने से दुर्घटना होने पर बालिग व्यक्ति की छाती से सिर तक चोट के मामले में मामूली से स्थिर प्रदर्शन किया। लेकिन बगल से टक्कर होने पर छाती पर चोट के मामले में इसकी सुरक्षा कमजोर है।
सेफ नहीं है मारुति सुजुकी की कारें
वैगनआर ने दुर्घटना की स्थिति में चालक की छाती पर चोट लगने के मामले में कमजोर प्रदर्शन किया। ग्लोबल एनसीएपी के महासचिव एलेजांद्रो फुरास ने कहा, ‘‘हम भारतीय वाहन विनिर्माताओं और कुछ वैश्विक वाहन कंपनियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया पाकर खुश हैं। हालांकि, कुछ सीमित सुधार हुआ है। हमने अभी तक सबसे लोकप्रिय मारुति सुजुकी मॉडल में इस सुरक्षा प्रतिबद्धता को नहीं पाया है।’’ उन्होंने कहा कि यह देखते हुए कि भारत में बेचे जाने वाले नए मॉडल के लिए छह एयरबैग एक अनिवार्यता है। हालांकि, मारुति सुजुकी के लोकप्रिय मॉडल में इस तरह की सुरक्षा प्रतिबद्धता देखने को नहीं मिलती है।
सुरक्षा हमेशा शीर्ष प्राथमिकता रही है - Maruti Suzuki
इस बारे में संपर्क करने पर मारुति सुजुकी के प्रवक्ता ने पीटीआई-भाषा से कहा कि सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है और इसलिए दुनियाभर की सरकारें इसको लेकर नियमन बना रही हैं, क्योंकि उनके ऊपर अपने नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘मारुति के लिए भी सुरक्षा हमेशा शीर्ष प्राथमिकता रही है। भारत के दुर्घटना सुरक्षा नियम लगभग यूरोप के मानकों के समान हैं। हमारे सभी मॉडल इन नियमों को पूरा करते हैं और भारत सरकार द्वारा प्रमाणित हैं।’’
