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EV में इस्तेमाल होने वाली 'Lithium-ion Battery' की लाइफ कितनी होती है, इसे बदलने में कितना आएगा खर्च?

EV Battery Replacement: इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ती लोकप्रियता के बीच अगर आप एक नई ईवी खरीदने का प्लान बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है।

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कितने साल चलती है ईवी की बैटरी (Photo: iStock)

EV Battery Replacement: भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच लोग EV खरीदने में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि, ईवी खरीदने से पहले ग्राहकों के मन में इसकी बैटरी से जुड़ी चिंता बनी रहती है। चिंता यही कि बैटरी लाइफ कितनी होगी और इसपर भविष्य में कितना खर्च आ सकता है। अगर आपके मन में भी इस तरह के सवाल हैं तो ये जानकारी आपके लिए काम की साबित होगी। इस आर्टिकल में आपको ईवी की बैटरी को लेकर ही सारी जानकारी दे रहे हैं-

EV की बैटरी कितने साल चलती है?

Ev Battery

ईवी बैटरी (Photo: iStock)

अधिकतर इलेक्ट्रिक व्हीकल में लिथियम-आयन बैटरी (Lithium-Ion Battery) का इस्तेमाल किया जाता है। जानकारों की मानें तो आधुनिक EV बैटरियां आमतौर पर 8 से 10 साल या लगभग 1.6 लाख से 2 लाख किलोमीटर तक चल सकती हैं। कई वाहन निर्माता भी बैटरी पर 8 साल तक की वारंटी देते हैं।

बैटरी खराब होने का कैसे पता चलेगा?

कई लोग मान लेते हैं कि 8-10 साल बाद बैटरी अचानक काम करना बंद कर देती है, जबकि वास्तविकता इससे अलग है। बैटरी की क्षमता धीरे-धीरे कम होती है, जिसे डिग्रेडेशन कहा जाता है। उदाहरण के लिए, 8 साल बाद भी बैटरी अपनी मूल क्षमता का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा बनाए रख सकती है। इसका मतलब है कि गाड़ी चलती रहेगी, लेकिन उसकी रेंज कुछ कम हो सकती है।

बैटरी की लाइफ किन कारकों पर निर्भर

इलेक्ट्रिक वाहन की लिथियम-आयन बैटरी की लाइफ कई बातों पर निर्भर करती है। अगर गाड़ी को बार-बार फास्ट चार्जर से चार्ज किया जाए, भीषण गर्मी में लगातार इस्तेमाल किया जाए या बैटरी को हमेशा 100 प्रतिशत चार्ज या पूरी तरह डिस्चार्ज होने दिया जाए, तो उसकी क्षमता तेजी से कम हो सकती है। इसके अलावा, ड्राइविंग का तरीका और गाड़ी के इस्तेमाल की फ्रिक्वेंसी भी बैटरी की हेल्थ को प्रभावित करती है। वहीं, अगर बैटरी को बैलेंस्ड तरीके से चार्ज किया जाए, अत्यधिक तापमान से बचाया जाए और गाड़ी का सही रखरखाव किया जाए, तो उसकी लाइफ बढ़ाई जा सकती है।

बैटरी बदलने में कितना खर्च आता है?

EV का सबसे महंगा हिस्सा उसकी बैटरी होती है। भारत में बैटरी बदलने का खर्च वाहन और बैटरी के आकार के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। छोटी इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी बदलने पर लगभग 3 लाख से 4.5 लाख रुपये तक खर्च आ सकता है। वहीं मिड-साइज इलेक्ट्रिक कारों में यह लागत 5 लाख से 7 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। अगर बात प्रीमियम और लंबी रेंज वाली इलेक्ट्रिक कारों की करें, तो उनकी बैटरी बदलने का खर्च 8 लाख रुपये या उससे भी अधिक हो सकता है। कुछ आकलनों के अनुसार, सामान्य इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी रिप्लेसमेंट लागत करीब 1.2 लाख रुपये से 7 लाख रुपये के बीच हो सकती है, जबकि लग्जरी ईवी में यह आंकड़ा 10 लाख रुपये से भी ऊपर जा सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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