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चलता-फिरता पावर बैंक! चीन ने बनाया ऐसा रोबोट जो पार्क की हुई कार को खुद आकर करता है चार्ज

Chinese mobile EV charging robot: चीन का “Energy Tank” रोबोट EV चार्जिंग के तरीके को पूरी तरह बदल सकता है। यह न केवल सुविधा बढ़ाता है बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर की समस्या को भी कम करता है। आने वाले समय में इस तरह की स्मार्ट तकनीकें इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को और तेजी से आगे बढ़ाने में मदद करेंगी।

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चलता-फिरता पावर बैंक! (Photo: iStock)

Chinese mobile EV charging robot: इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी तेजी से बढ़ रही है। इसी चुनौती को हल करने के लिए China में एक खास रोबोटिक तकनीक विकसित की गई है, जो किसी भी पार्किंग स्पॉट को EV चार्जिंग प्वाइंट में बदल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस रोबोट को “Energy Tank” नाम दिया गया है। यह एक मोबाइल EV चार्जर है, जो जरूरत पड़ने पर खुद गाड़ी तक पहुंचकर उसे चार्ज कर सकता है।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी हो रही दूर

यह चीन के उन इलाकों के लिए खास समाधान साबित हो रहा है, जहां स्थायी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। “मोबाइल पावर बैंक” के रूप में पेश किया गया यह कॉम्पैक्ट, स्वचालित रोबोट पुराने रिहायशी परिसरों में तैनात किया गया है, जहां 400 से अधिक EV सीमित पार्किंग और बिजली क्षमता के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं।

कैसे काम करता है यह रोबोट?

यह रोबोट पारंपरिक चार्जिंग स्टेशन से अलग है। आमतौर पर EV चार्ज करने के लिए आपको एक निश्चित चार्जिंग प्वाइंट पर जाना पड़ता है, लेकिन यह तकनीक उस जरूरत को खत्म कर देती है। स्मार्टफोन के जरिए रोबोट को बुलाया जा सकता है। इसके बाद लगभग 1.5 मीटर ऊंचा यह उपकरण, जिसमें 100 kWh की बैटरी लगी होती है, खुद-ब-खुद गाड़ी तक पहुंचता है और कुछ ही मिनटों में फास्ट चार्जिंग शुरू कर देता है।

  • यूजर अपने स्मार्टफोन के जरिए रोबोट को बुला सकता है
  • रोबोट खुद पार्किंग में खड़ी गाड़ी तक पहुंचता है
  • वहां जाकर वाहन को चार्ज करता है

इस तरह, किसी भी सामान्य पार्किंग स्पेस को तुरंत चार्जिंग स्टेशन में बदला जा सकता है।

यह तकनीक क्यों है खास

EV अपनाने में सबसे बड़ी चुनौती चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी है। हर जगह फिक्स्ड चार्जिंग स्टेशन लगाना महंगा और जटिल होता है। ऐसे में यह रोबोटिक समाधान कई समस्याओं को हल कर सकता है।

  • अलग से चार्जिंग स्टेशन बनाने की जरूरत कम होगी
  • पार्किंग स्पेस का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा।
  • यूजर को चार्जिंग के लिए लाइन में नहीं लगना पड़ेगा

EV इंडस्ट्री के लिए क्या मतलब है?

यह तकनीक EV सेक्टर के लिए एक बड़ा बदलाव साबित हो सकती है। खासकर शहरों में जहां जगह की कमी है, वहां यह समाधान बेहद उपयोगी हो सकता है। भारत जैसे देशों में भी, जहां EV चार्जिंग नेटवर्क अभी विकसित हो रहा है, इस तरह की तकनीक भविष्य में अहम भूमिका निभा सकती है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनाला author

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने ... और देखें

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