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हरियाणा को मिलेगा राज्य का पहला बैरियरलेस टोल प्लाजा, हाइवे पर सफर होगा सुपरफास्ट

MLFF सिस्टम के साथ गाड़ियों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होती। मौजूदा व्यवस्था में टोल पेमेंट के लिए वाहनों को बैरियर के सामने रुकना पड़ता है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है।

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मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम (Photo: X handle/@NHAI_Official)

हरियाणा में हाईवे पर सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ा बदलाव शुरू होने जा रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर स्थित बस्तारा टोल प्लाजा (Bastara toll plaza) को राज्य का पहला बैरियरलेस टोल प्लाजा बनाने की दिशा में काम हो रहा है। इस नई व्यवस्था का ट्रायल शुरू हो चुका है। इससे पहले हाल ही में भारतीय राष्‍ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने राजस्थान में एनएच-48 के दिल्ली-जयपुर खंड पर स्थित दौलतपुरा टोल प्लाजा पर मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) बेस्ड टोलिंग सिस्टम की शुरुआत की। एनएचएआई शाहजहांपुर और मनोहरपुर के टोल प्लाजा को भी एमएलएफएफ सिस्टम में बदलने की योजना बना रहा है। हरियाणा के साथ यह देश का चौथा बैरियरलेस टोल प्लाजा होगा। बैरियरलेस टोल प्लाजा से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म होंगी और वाहनों की आवाजाही पहले के मुकाबले तेज होगी।

MLFF tolling system कैसे करता है काम

मल्टी-लेन फ्री फ्लो टोलिंग सिस्टम मौजूदा टोल पेमेंट सिस्टम की जगह लेने जा रहा है। यह एक आधुनिक और तकनीक आधारित समाधान है। इस सिस्टम में वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं होती। यह रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरों के साथ काम करता है। RFID रीडर FASTag की पहचान करते हैं, जबकि ANPR कैमरे गाड़ी की नंबर प्लेट को स्कैन करते हैं। इसके बाद टोल शुल्क खुद ही कट जाता है, जिससे गाड़ी बिना रुके आसानी से टोल प्लाजा पार कर सकती है।

टोल नहीं कटा तो क्या होगा

अगर किसी वजह से किसी गाड़ी की टोल प्लाजा फी नहीं कट पाती है तो उसके लिए एमएलएफएफ ई-नोटिस रोड यूजर पोर्टल की भी व्यवस्था की गई है। ई-नोटिस उन वाहन चालकों को ही भेजा जाता है, जिनका टोल शुल्क किसी वजह से बकाया रह जाता है। इस पोर्टल के जरिेए यूजर बकाया टोल का भुगतान कर सकते हैं और अगर उन्हें किसी नोटिस पर आपत्ति हो तो अपना पक्ष (Representation) भी दर्ज कर सकते हैं। पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर (VRN) दर्ज करना होता है, जिसके बाद VAHAN डेटाबेस में जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाता है। अगर मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है तो उसे VAHAN पोर्टल पर अपडेट किया जा सकता है। हालांकि, NHAI ने साफ किया है कि अगर किसी गाड़ी का टोल किसी कारण से तुरंत नहीं कटता और उसके लिए ई-नोटिस जारी किया जाता है, तो वाहन मालिक को 72 घंटे के भीतर बकाया टोल शुल्क जमा करना होगा।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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