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Wheat Cultivation: गेहूं की बुवाई का रकबा बढ़ा, अब बढ़कर हुआ 320 लाख हेक्टेयर

Wheat Cultivation: कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में गेहूं की बुवाई का रकबा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 1.38 प्रतिशत बढ़कर 320 लाख हेक्टेयर हो गया है।

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भारत में गेहूं की खेती में बढ़ोतरी (तस्वीर-Canva)

Wheat Cultivation: चालू रबी सत्र में अबतक गेहूं की बुवाई का रकबा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 1.38 प्रतिशत बढ़कर 320 लाख हेक्टेयर हो गया है। सोमवार को जारी कृषि मंत्रालय के आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। गेहूं की बुवाई का आखिरी चरण चल रहा है और फसल अप्रैल में कटाई के लिए तैयार हो जाएगी। गेहूं मुख्य रबी (सर्दियों) फसल है। चना, मसूर, मक्का और सरसों रबी मौसम में उगाई जाने वाली अन्य फसलें हैं।

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की और रबी की बुवाई की प्रगति, मौसम की स्थिति और राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली (एनपीएसएस) के माध्यम से कीट निगरानी की समीक्षा की। एक सरकारी बयान में कहा गया कि कुल मिलाकर फसल कवरेज और फसल की स्थिति पिछले साल की तुलना में बेहतर है।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चालू रबी मौसम में 20 जनवरी तक बुवाई का रकबा एक साल पहले के 315.63 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 320 लाख हेक्टेयर हो गया। दलहन का रकबा मामूली रूप से बढ़कर 141.69 लाख हेक्टेयर हो गया, जो पिछले साल समान अवधि में 139.29 लाख हेक्टेयर था। इस सत्र में अबतक चना 98.28 लाख हेक्टेयर और मसूर 17.43 लाख हेक्टेयर में बोया गया है।

मोटे अनाज का रकबा एक साल पहले के 54.63 लाख हेक्टेयर के मुकाबले थोड़ा कम यानी 54.49 लाख हेक्टेयर रहा है। मक्का 22.90 लाख हेक्टेयर और ज्वार 22.90 लाख हेक्टेयर में बोया गया। तिलहन की बुवाई 20 जनवरी तक घटकर 97.62 लाख हेक्टेयर रह गई, जबकि एक साल पहले रकबा 101.80 लाख हेक्टेयर था। रैपसीड और सरसों 89.30 लाख हेक्टेयर और मूंगफली 3.65 लाख हेक्टेयर में बोई गई।

इस सत्र में अबतक रबी फसलों के तहत कुल 640 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को कवर किया गया है, जो एक साल पहले के 637.49 लाख हेक्टेयर से थोड़ा अधिक है। मंत्रालय ने कहा कि रबी टमाटर, प्याज और आलू की बुवाई चल रही है और इन फसलों के तहत अबतक का क्षेत्रफल एक साल पहले की अवधि की तुलना में अधिक है। वर्तमान में, बाजार में गेहूं, चावल, चना, सरसों और तिल की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से अधिक हैं।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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