Viksit Bharat G RAM G Act: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chouhan) ने किसान दिवस के अवसर पर एक ऑनलाइन कार्यक्रम में कहा कि हाल ही में पारित ‘विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ यानी ‘वीबी-जी राम जी’ अधिनियम किसानों और ग्रामीण मजदूरों दोनों के लिए बहुत लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि यह नया कानून खेती के सबसे व्यस्त समय में मजदूरों की कमी की समस्या को दूर करने में मदद करेगा और कृषि व्यवस्था को मजबूत बनाएगा।
मनरेगा की जगह लेगा नया कानून
सरकार द्वारा लाया गया वीबी-जी राम जी अधिनियम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने जा रहा है। यह विधेयक पिछले सप्ताह संसद में पारित किया गया। कृषि मंत्री के अनुसार, इस नए कानून में मजदूरों के हितों के साथ-साथ किसानों की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा गया है, ताकि दोनों के बीच संतुलन बना रहे।
किसानों की बड़ी समस्या का समाधान
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि किसानों को अक्सर बुवाई और कटाई के मौसम में मजदूरों की भारी कमी का सामना करना पड़ता है। इस कारण कई बार खेती का काम समय पर नहीं हो पाता, जिससे फसलों को नुकसान होता है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि वीबी-जी राम जी कानून के लागू होने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और खेती के समय पर्याप्त मजदूर उपलब्ध रहेंगे।
मजदूरों को मिलेगा ज्यादा काम
नई योजना के तहत ग्रामीण मजदूरों को साल में 125 दिन काम मिलेगा, जबकि मनरेगा के तहत यह सीमा 100 दिन थी। इससे मजदूरों की आय बढ़ेगी और उन्हें ज्यादा रोजगार के अवसर मिलेंगे। हालांकि, इस योजना के अंतर्गत खेती की व्यस्तता वाले दो महीनों में मजदूरों से यह अपेक्षा की जाएगी कि वे कृषि कार्य के लिए उपलब्ध रहें। इससे किसानों को समय पर मजदूर मिल सकेंगे।
किसानों और मजदूरों के बीच संतुलन
कृषि मंत्री ने कहा कि यह कानून किसानों और मजदूरों दोनों के कल्याण को ध्यान में रखकर बनाया गया है। जहां यह मजदूरों के उत्थान और उनकी आजीविका को मजबूत करता है, वहीं किसानों को भी राहत देता है। मंत्री के शब्दों में, यह कानून खेती करने वाले समुदाय को सशक्त बनाएगा और उन्हें आत्मनिर्भर बनने में मदद करेगा।
जानकारी किसानों तक पहुंचाने पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस नई योजना से जुड़ी पूरी जानकारी कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के माध्यम से देश भर के किसानों तक पहुंचाई जाए। उन्होंने कहा कि जब किसानों को इस कानून के लाभ और नियमों की सही जानकारी होगी, तभी वे इसका पूरा फायदा उठा सकेंगे।
सरकार का लक्ष्य: आय में वृद्धि
कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों और मजदूरों दोनों की आय बढ़ाना है। वीबी-जी राम जी कानून इसी लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और गांवों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
कार्यक्रम में मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी
इस ऑनलाइन कार्यक्रम में कृषि राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एम.एल. जाट सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने इस नई योजना को ग्रामीण भारत के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
इस तरह, वीबी-जी राम जी अधिनियम किसानों और मजदूरों दोनों के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आया है, जो खेती और ग्रामीण रोजगार को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
