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नए युग की शुरुआत, समापन समारोह के दौरान अहमदाबाद को मिलेगी शताब्दी राष्ट्रमंडल खेलों की कमान

समापन समारह के दौरान ही अहमदाबाद को आधिकारिक तौर पर 2023 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी सौंप दी जाएगी। समापन समारोह से पहले एएनआई से बात करते हुए, संघवी ने कहा कि जैसे ही राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज और मेजबानी की कमान अहमदाबाद को सौंपी जाएगी, उसके साथ ही 2030 एडिशन की शुरुआत आधिकारिक तौर पर हो जाएगी।

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हर्ष संघवी (साभार-X)

ग्लासगो में राष्ट्रमंडल खेल 2026 के समापन समारोह की तैयारी के बीच, गुजरात के उप-मुख्यमंत्री हर्ष संघवी और खेल सचिव हरि रंजन राव ने कहा कि अब सारा ध्यान अहमदाबाद में होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेलों पर केंद्रित हो गया है। इतना ही नहीं उन्होंने भरोसा जताया कि यह आयोजन भारतीय खेल के लिए एक नए युग की शुरुआत करेगा। समापन समारोह से पहले एएनआई से बात करते हुए, संघवी ने कहा कि जैसे ही राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज और मेजबानी की कमान अहमदाबाद को सौंपी जाएगी, उसके साथ ही 2030 एडिशन की शुरुआत आधिकारिक तौर पर हो जाएगी।

“2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेल लाखों भारतीय युवाओं के लिए एक विशाल मंच साबित होंगे। राष्ट्रमंडल 2026 में एक तरफ जहां भारतीय एथलीट पदक जीत रहे थे, उसी दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने खेल बजट में आठ गुना वृद्धि को मंजूरी दी जिससे भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन संभव हो सके। युवा मामले और खेल मंत्रालय के सचिव हरि रंजन राव ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत की व्यापक खेल महत्वाकांक्षाओं में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें भविष्य में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की उसकी आकांक्षा भी शामिल है।

“हम 2030 में भारत में, विशेष रूप से अहमदाबाद शहर में, अगले राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करने के लिए तैयार हैं। भारत भविष्य में ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने की भी आकांक्षा रखता है। 2047 तक 'विकसित भारत' बनने की दिशा में काम करते हुए, यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि भारत खेलों में विश्व के अग्रणी देशों में शुमार हो। ये महत्वपूर्ण मील के पत्थर हैं जिन्हें हमें हासिल करना ही होगा, और इसमें शामिल सभी लोगों का उत्साह और भागीदारी आवश्यक है।

समापन समारोह में ग्लासगो से अहमदाबाद को राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज और मेजबानी की कमान सौंपने की रस्म होगी, जिससे आधिकारिक तौर पर 2030 राष्ट्रमंडल खेलों के मेजबान के रुप में अहमदाबाद के नाम की पुष्टि हो जाएगी।

भारत ने जीते कुल 39 पदक

भारतीय दल ने 39 पदकों (13 स्वर्ण, 17 रजत और नौ कांस्य) के साथ पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 70 स्वर्ण सहित 170 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। हालांकि भारत का कुल पदक आंकड़ा बर्मिंघम 2022 में जीते गए 61 पदकों से कम रहा, लेकिन ग्लासगो में भाग लेने वाले प्रतिभागियों की संख्या कम थी। स्कॉटलैंड में भारत ने 122 एथलीट उतारे, जबकि चार साल पहले 210 एथलीट थे, जिनमें से 38 एथलीट पदक जीतकर घर लौटे।

भारत के अभियान को मुक्केबाजी दल के रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन से बल मिला, जिसने अभूतपूर्व सात स्वर्ण और तीन रजत सहित कुल 10 पदक जीते। एथलेटिक्स ने 10 पदकों का योगदान दिया, जबकि पैरा एथलेटिक्स ने छह और पदक अपने नाम किए। वेटलिफ्टिंग में आठ पदक, जूडो में चार पदक और झंडू कुमार ने कांस्य पदक जीतकर देश के लिए एकमात्र पावरलिफ्टिंग पदक अपने नाम किया।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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