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महाराष्ट्र के किसानों के लिए बड़ा ऐलान: अब 2 लाख रुपये तक का कर्ज होगा माफ

Mahatma Jyotirao Phule loan waiver scheme: महाराष्ट्र सरकार ने 'महात्मा ज्योतिराव फुले कर्ज माफी योजना' के तहत राहत सीमा 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी है, जिससे राज्य के लाखों किसानों का कर्ज माफ होगा।

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महाराष्ट्र में नई कर्ज माफी योजना के तहत किसानों को अब 2 लाख रुपये तक की राहत

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Mahatma Jyotirao Phule loan waiver scheme : महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार(10 जुलाई 2026) को विधानसभा में किसानों के लिए कर्ज माफी योजना (Loan Waiver Scheme) के दायरे को बढ़ाने की घोषणा की। सरकार ने फैसला किया है कि साल 2019 की 'महात्मा ज्योतिराव फुले किसान ऋण माफी योजना' के तहत पात्र किसानों को मिलने वाली 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि की जगह अब सीधे 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी दी जाएगी। इस फैसले से राज्य के लाखों किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा।

महायुति के विधायकों की मांग पर लिया गया फैसला

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) विधानसभा में विपक्ष द्वारा पिछले सप्ताह लाए गए प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के विधायकों ने सरकार से लगातार यह आग्रह किया था कि साल 2019 की कर्ज माफी योजना में जो 50 हजार रुपये की सीमा (कैपिंग) तय की गई थी, उसे हटाया जाए। विधायकों की इस मांग और किसानों की जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने प्रोत्साहन योजना के नियमों में यह बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया।

कर्ज चुकाने की अनिवार्यता खत्म, आसान हुए नियम

किसानों को राहत देने के साथ-साथ सरकार ने योजना के नियमों को भी काफी आसान बना दिया है। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अब वित्त वर्ष 2026-27 में फसल ऋण (क्रॉप लोन) चुकाने की कोई जरूरत नहीं होगी, यानी इस अनिवार्यता को पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अब वे सभी किसान भी इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे, जिन्होंने पिछले किसी भी दो वर्षों के दौरान अपना कर्ज ईमानदारी से चुकाया है।

सरकारी खजाने पर पड़ेगा 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ

इस बड़े वित्तीय फैसले के असर पर बात करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि शुरुआत में हमने बैंकिंग और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के लिए 50 हजार रुपये की शर्त लागू की थी। अब इस सीमा को हटाने से राज्य के खजाने पर लगभग 4,000 करोड़ से 5,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। लेकिन, सरकार के लिए वित्तीय घाटे से ज्यादा किसानों का हित सर्वोपरि है, इसलिए हमने महात्मा ज्योतिराव फुले ऋण माफी योजना के लाभार्थियों को दो लाख रुपये तक की कर्ज माफी देने का फैसला किया है।

तीन बार कर्ज माफी देने वाला एकमात्र राज्य बना महाराष्ट्र

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व से कहा कि महाराष्ट्र पूरे देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जिसने किसानों के कल्याण के लिए रिकॉर्ड तीन बार कर्ज माफी की घोषणा की है। सरकार हमेशा संकट के समय में किसानों के साथ मजबूती से खड़ी रही है और आगे भी उनके हितों की रक्षा करती रहेगी।

बार-बार कर्ज माफी पर मुख्यमंत्री ने दी चेतावनी

एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ने इस बड़ी राहत का ऐलान किया, वहीं दूसरी तरफ उन्होंने अर्थव्यवस्था और बैंकिंग सिस्टम को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी दी। फडणवीस ने कहा कि बार-बार कर्ज माफी की घोषणाएं करने से देश की बैंकिंग व्यवस्था कमजोर हो सकती है। इसका कारण यह है कि बार-बार मिलने वाली ऐसी राहतों से किसानों में यह उम्मीद जग जाती है कि भविष्य में भी उनका कर्ज माफ कर दिया जाएगा, जिससे कई बार सक्षम किसान भी समय पर बैंक का कर्ज चुकाना बंद कर देते हैं। इसलिए वित्तीय संतुलन बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंह author

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल ... और देखें

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