Wheat Procurement Date: मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को राहत देते हुए रबी मार्केटिंग सत्र 2026-27 में गेहूं खरीद के लिए स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख बढ़ा दी है (wheat procurement Date extension)। अब किसान 23 मई तक अपना स्लॉट बुक कर सकते हैं। पहले यह तारीख 9 मई तय की गई थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को यह घोषणा की। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) योजना का लाभ लेने से वंचित न रह जाए।
खरीद प्रक्रिया और लक्ष्य
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, 2 मई तक राज्य में किसानों से लगभग 34.73 लाख टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। इस साल सरकार ने समर्थन मूल्य योजना के तहत करीब 600 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है। इसके अलावा दलहनों की खरीद भी जारी है। चना और मसूर की खरीद 30 मार्च से शुरू होकर 28 मई तक चलेगी। सरकार ने चना की 6.49 लाख टन और मसूर की 6.01 लाख टन खरीद का लक्ष्य रखा है। वहीं अरहर की 1.31 लाख टन खरीद का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इससे साफ है कि राज्य सरकार किसानों की उपज को सही कीमत पर खरीदने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है।
भुगतान सीधे किसानों के खातों में
न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक मुख्यमंत्री ने बताया कि खरीदी गई फसलों का भुगतान सीधे किसानों के बैंक खातों में किया जा रहा है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों को समय पर पैसा मिल जाता है। बिचौलियों की भूमिका कम होने से किसानों को उनका पूरा लाभ मिलता है।
भंडारण की मजबूत व्यवस्था
सरकार ने किसानों की उपज को सुरक्षित रखने के लिए भंडारण व्यवस्था को भी मजबूत किया है। खाद्यान्न भंडारण योजना के तहत करीब 3.55 लाख टन क्षमता का स्टोरेज तैयार किया गया है। इसके अलावा सामग्री भंडारण योजना के अंतर्गत 1.5 लाख टन क्षमता के आधुनिक गोदाम बनाए जा रहे हैं। इनमें से 1.1 लाख टन क्षमता वाले गोदामों का पंजीकरण पूरा हो चुका है। इससे किसानों की उपज खराब होने का खतरा कम होगा और लंबे समय तक सुरक्षित रखी जा सकेगी।
डिजिटल सिस्टम से किसानों को सुविधा
राज्य सरकार किसानों को डिजिटल माध्यम से जोड़ने पर भी जोर दे रही है। ‘ई-विकास’ और ‘ई-किसान’ सिस्टम के जरिए किसानों को मोबाइल पर योजनाओं, बाजार भाव, मौसम और नई तकनीक की जानकारी दी जा रही है। 1 अप्रैल से राज्य के सभी जिलों में ‘ई-किसान’ प्रणाली लागू कर दी गई है। इसके तहत हर किसान को एक यूनिक आईडी दी जा रही है, जिसमें उसकी जमीन और फसल का पूरा डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा। इससे सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान होगा।
किसान रजिस्ट्री और नई तकनीक का उपयोग
किसान रजिस्ट्री के जरिए हर खेत की भू-टैगिंग की जा रही है। इसका फायदा यह होगा कि फसल बीमा, नुकसान का आकलन और ड्रोन से छिड़काव जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। यह कदम खेती को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्राकृतिक खेती और ड्रोन का बढ़ता उपयोग
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में 53 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में प्राकृतिक खेती हो रही है और 6,000 से अधिक समूह बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 1,000 से ज्यादा ड्रोन ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया है। ये ऑपरेटर जैविक कीटनाशकों का छिड़काव ड्रोन के जरिए करेंगे, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होगी।
कुल मिलाकर, मध्य प्रदेश सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। गेहूं खरीद की तारीख बढ़ाने से लेकर डिजिटल सुविधाएं और आधुनिक तकनीक तक, सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने और खेती को आसान बनाने पर है।
