International Potato Center In Agra : केंद्रीय कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में अंतरराष्ट्रीय आलू केंद्र (CIP) के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से 111.5 करोड़ रुपये का वित्तीय सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कृषि में इनोवेशन को मिलेगा बढ़ावा
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। इस अनुसंधान केंद्र का उद्देश्य आलू और शकरकंद की उत्पादकता, कटाई के बाद प्रबंधन और मूल्य संवर्धन को बेहतर बनाना है, ताकि खाद्य सुरक्षा, पोषण स्तर, किसानों की आय और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिल सके।
प्रधानमंत्री ने बताया किसानों के लिए लाभकारी कदम
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि "सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है", और इस निर्णय से आलू उत्पादक किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
रोजगार और मूल्य श्रृंखला को मिलेगा बल
आधिकारिक बयान के अनुसार, आलू क्षेत्र में उत्पादन से लेकर प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और विपणन तक व्यापक रोजगार की संभावनाएं हैं। यही नहीं, यह कदम भारत को वैश्विक आलू मूल्य सीरीज में और मजबूती देगा।
सिंगना, आगरा में बनेगा अनुसंधान केंद्र
यह अनुसंधान केंद्र उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के सिंगना गांव में स्थापित किया जाएगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने पहले ही 10 एकड़ भूमि आवंटित कर दी है। यह केंद्र आलू बीज उत्पादन, कीट प्रबंधन, टिकाऊ कृषि और किसानों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देगा।
CIP का वैश्विक अनुभव भारत के काम आएगा
यह केंद्र पेरू की राजधानी लीमा में स्थित इंटरनेशनल पोटैटो सेंटर (CIP) का हिस्सा है, जो आलू, शकरकंद और देशी जड़ वाली फसलों के वैज्ञानिक शोध व नवाचार में अग्रणी भूमिका निभाता है। (भाषा इनपुट के साथ)
