दुनिया

Yoga Day 2024: दुनिया को एकजुट करेगा योग, संयुक्त राष्ट्र में जुटेंगे दुनिया भर के लोग

Yoga Diwas 2024: संयुक्त राष्ट्र द्वारा 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर योग कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में दुनियाभर के लोग जुटेंगे। बता दें, इस वर्ष योग दिवस की थीम 'महिला सशक्तिकरण के लिए योग' है।

Image

Yoga Day 2024

Yoga Diwas 2024: संयुक्त राष्ट्र द्वारा 10वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर शुक्रवार को विश्व भर से नागरिक यहां एकत्रित होंगे और सीमाओं से परे योग की एकजुट करने वाली शक्ति का प्रदर्शन करेंगे। इस वर्ष योग दिवस की थीम 'महिला सशक्तिकरण के लिए योग' है। मुख्य कार्यक्रम संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय के उत्तरी लॉन में होगा जहां राजनयिक, संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी और कर्मचारी तथा प्राचीन कला के प्रशंसक एक साथ आसन करेंगे।

इस कार्यक्रम में संयुक्त राष्ट्र की उप महासचिव अमीना मोहम्मद के भाग लेने की उम्मीद है। महासभा के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस एक वीडियो संदेश में सबको संबोधित कर सकते हैं। बता दें, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने दिसंबर 2014 में भारत के एक प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अपनाया गया था। यह तिथि इसलिए चुनी गई क्योंकि ज्यादातर मौकों पर उत्तरी गोलार्ध में ग्रीष्म संक्रांति उसी दिन पड़ती है, हालांकि इस वर्ष और अगले वर्ष यह एक दिन पहले है।

इस समय होगा योग दिवस का आयोजन

संयुक्त राष्ट्र में योग उत्सव शुक्रवार शाम 6 बजे (भारतीय समयानुसार शनिवार तड़के 3:30 बजे) होगा जिसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा वेबकास्ट किया जाएगा। यहां भारतीय मिशन संयुक्त राष्ट्र सचिवालय के साथ इसका सह-प्रायोजन कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल संयुक्त राष्ट्र में योग समारोह का नेतृत्व किया था और यह एक ही स्थान पर योग अभ्यास में सबसे अधिक 135 देशों के नागरिकों की भागीदारी के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल हुआ था।

संक्रांति के दिन, गुरुवार को, टाइम्स स्क्वायर पर वार्षिक 'माइंड ओवर मैडनेस' कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें दिन भर योग सत्र आयोजित किए जाएंगे। यह 'दुनिया के चौराहे' के रूप में जाने जाने वाले स्थान की कोलाहल और हलचल के बीच शांति और स्थिरता का एक द्वीप होगा। भारत का महावाणिज्य दूतावास इस कार्यक्रम के प्रायोजकों में से एक है। कार्यक्रम सुबह 7.30 बजे से शाम 8.30 बजे तक चलेगा। इसमें विभिन्न जातीय समूहों और राष्ट्रीय मूल के प्रशिक्षकों द्वारा संचालित सात योग कक्षाएं शामिल हैं, जो योग की सार्वभौमिकता को दर्शाती हैं।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article